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दरभंगा में “विकसित भारत वीबी-जी राम जी योजना” का शुभारंभ

ग्रामीण अर्थव्यवस्था,रोजगार सृजन एवं जल संरक्षण को मिलेगा नया आयाम-डीएम

समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में आज “विकसित भारत वीबी-जी राम जी योजना” का शुभारंभ जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार, सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल एवं माननीय मुखिया संघ के अध्यक्ष राजीव कुमार झा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किये।

 

यह योजना 01 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू की गई है। इसका राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ 02 जुलाई 2026 को तिरुपति (आंध्र प्रदेश) से भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया गया।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने कहा कि “विकसित भारत वीबी-जी राम जी योजना” का उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना को साकार करना है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार, जल संरक्षण एवं जल संचयन को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने बताया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए संबंधित पदाधिकारियों, कर्मियों एवं जनप्रतिनिधियों को योजना के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई है।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत पात्र परिवारों को 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा तथा रोजगार के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों (Asset Creation) का भी निर्माण किया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी (e-KYC) के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन के उपरांत मजदूरों को कार्य उपलब्ध कराया जाएगा। पात्र परिवारों को ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड निर्गत किए जाएंगे। सात दिनों के लिए मास्टर रोल जारी होगा तथा एक दिन का अवकाश रहेगा। योजना के अंतर्गत ₹300 प्रतिदिन की मजदूरी निर्धारित की गई है।

 

योजना के अंतर्गत कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है—जल संरक्षण एवं जल संसाधन संबंधी कार्य, मूलभूत ग्रामीण अवसंरचना का विकास,

आजीविका संवर्द्धन एवं रोजगारोन्मुखी कार्य,

आपदा न्यूनीकरण (Disaster Mitigation) से संबंधित कार्य,

 

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल ने बताया कि इस योजना में 16 विभागों के अभिसरण (Convergence) के माध्यम से समग्र ग्रामीण विकास सुनिश्चित किया जाएगा। पंचायतों की योजनाओं एवं उपलब्ध परिसंपत्तियों का विवरण विकसित भारत नेशनल रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक पर दर्ज किया जाएगा, जिससे भविष्य की योजनाओं, नीति निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बेहतर दिशा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि विकसित ग्राम पंचायत प्लान (VGPP) योजना का मुख्य आधार होगा तथा संतृप्ति (Saturation) मोड में चारों श्रेणियों के अंतर्गत कार्यों का चयन किया जाएगा।

उप विकास आयुक्त ने बताया कि योजना के तहत रोजगार की मांग प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर कार्य उपलब्ध कराना तथा कार्य पूर्ण होने के 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

 

कार्यक्रम में डीआरडीए निदेशक भुवनेश कुमार मिश्रा,जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) आमना जोहरा,संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी तथा विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि,माननीय प्रमुख उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं ग्रामीण विकास को गति देने हेतु विस्तृत विचार-विमर्श किया गया l

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