अंग्रेजी के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. आरसीपी जूनियर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, तीन दिवसीय प्रतियोगिता की भी शुरुआत की गई ।
हिन्दी समाहार मंच, दरभंगा के तत्वावधान में सोमवार को स्नेह अगेही शिक्षण संस्थान परिसर में शिक्षाविद् और पूर्व अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आर. सी. पी. जूनियर (स्व. प्रो. रामचंद्र प्रसाद) की पुण्यतिथि श्रद्धा और भावनाओं के साथ मनाई गई। संस्थान परिवार, विद्यार्थियों और शहर के बुद्धिजीवियों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिलेश कुमार चौधरी ने की। कार्यक्रम के साथ ही विद्यार्थियों के बीच मानसिक एवं बौद्धिक विकास हेतु त्रिदिवसीय प्रतियोगिता की भी शुरुआत की गई, जिसका समापन और पुरस्कार वितरण 14 नवंबर को बाल दिवस के अवसर पर किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि साहित्यकार हीरालाल सहनी द्वारा स्व. प्रो. रामचंद्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण और डॉ. राज रंजन प्रसाद द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया। मुख्य अतिथि सहनी ने कहा कि “प्रोफेसर रामचंद्र प्रसाद एक लोकप्रिय शिक्षक थे, जिनकी सहजता, सादगी और व्यवहारिकता छात्रों के बीच उन्हें विशेष बनाती थी।” उन्होंने कहा कि वे न केवल शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी थे, बल्कि मानवीय मूल्यों के भी संरक्षक थे। स्व प्रो के पुत्र डॉ. राज रंजन प्रसाद ने कहा कि उनके पिता अनुशासनप्रिय और कर्मनिष्ठ व्यक्ति थे।
साहित्यकार शेखर कुमार श्रीवास्तव ने अपने वक्तव्य में कहा कि प्रो. प्रसाद एक सुलझे हुए और संतुलित व्यक्तित्व थे, जिन्होंने सदैव शिक्षा के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया। पुनीत कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रो. प्रसाद का व्यक्तित्व बहिर्मुखी प्रतिभा का परिचायक था। मौके पर नंद किशोर साहू और रंजीत कुमार श्रीवास्तव ने भी उनके जीवन और कार्यों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि स्व. प्रो. प्रसाद ने शिक्षा को साधना के रूप में अपनाया था।
