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 ‘6 हजार कमीशन दो तभी मिलेगा वेतन’, ऐसा कहने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पर कसा शिकंजा।

बकाया वेतन देने के बदले में 6 हजार रुपये रिश्वत की मांग करने वाले स्वास्थ्य प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया है. लिखित शिकायत के अधार पर विजिलेंस टीम ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा है.

बिहार में स्वास्थ्य सेवा और व्यवस्था को लेकर आए दिन सवाल खड़े किए जाते हैं. एक ताजा मामला समस्तीपुर जिले से स्वास्थ्य विभाग का है.

 

सोमवार (19 मई 2025) की रात विजिलेंस टीम ने एक भ्रष्ट स्वास्थ्य प्रबंधक को गिरफ्तार किया है. सदर अस्पताल में स्वास्थ्य प्रबंधक के पद पर कार्यरत डॉ. रामानंद विश्वजीत को चार हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया. इस घटना से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. विजिलेंस टीम ने सदर अस्पताल में डॉ. रामानंद को रंगे हाथों पकड़ा. गिरफ्तारी के बाद उन्हें तत्काल पुलिस हिरासत में लेकर पटना भेजा गया है.

 

रिश्वतखोरी के आरोप सामने आए
प्राप्त जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचार का मामला तब प्रकाश में आया जब अस्पताल के शव वाहन के चालक जयराम सिंह ने स्वास्थ्य प्रबंधक के खिलाफ सतर्कता विभाग में शिकायत दर्ज कराई. जयराम ने बताया कि वह 301 रुपए प्रतिदिन कमाता है, लेकिन वेतन वितरण के दौरान डॉ. रामानंद उससे 1500 रुपए कमीशन की मांग करते हैं.

3 महीने का बकाया वेतन के लिए 6 हजार की मांग
जयराम ने बताया कि तीन महीने का बकाया वेतन पाने के लिए जयराम से 6000 रुपये की रिश्वत मांगी गई. दो हजार रुपये रिश्वत देने के बावजूद भी उन्हें अपना बकाया नहीं मिला. जिसके बाद उन्होंने सतर्कता अधिकारियों के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई थी.

 

सतर्कता टीम का सफल ऑपरेशन
रविवार को जब चार हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की गई तो विजिलेंस टीम ने डॉ. रामानंद को दबोचने की योजना बनाई. जैसे ही जयराम ने रिश्वत की रकम सौंपी, मौके पर मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया.

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