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मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर में लूट की घटना सामने आई है. जहां संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से दिल्ली से मुजफ्फरपुर पहुंचे सॉफ्टवेयर इंजीनियर से लिफ्ट लेकर बदमाशों ने नशा खुरानी गिरोह ने वारदात को अंजाम दिया है.

मुजफ्फरपुर: बिहार संपर्कक्रांति एक्सप्रेस से मुजफ्फरपुर पहुंचे सॉफ्टवेयर इंजीनियर राम विनय ठाकुर से लूटपाट की गई है. उन्हे नशा खुरानी गिरोह ने अपना शिकार बनाया, पहले ट्रेन के अंदर दोस्ती की, फिर गांव के बगल का होने का विश्वाश दिलाया. इसके बाद कार में लिफ्ट देने का झांसा देकर लूटपाट की. उनके पास से दो ट्रॉली बैग में रखा सामान, मोबाइल, नगदी, एटीएम कार्ड समेत अन्य सामान को बदमाशों ने लूट लिया.

सड़क किनारे इंजीनियर को फेंका: बदमाशों ने इंजीनियर को लूटने के बाद बेहोशी की हालत में गायघाट में सड़क के किनारे फेंक कर फरार हो गए. इस घटना को लेकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने इमेल से नगर थाने में लिखित शिकायत की थी. इसके आधार पर नगर थाने में जीरो एफआइआर दर्ज की गयी. घटना एक जुलाई से पहले की होने के कारण यह एफआइआर भारतीय न्याय संहिता में न दर्ज होकर आइपीसी की धारा में ही दर्ज की गयी है.

संपर्क क्रांति से आए थे मुजफ्फरपुर:एफआइआर विनय के साथ ट्रेन में सफर करने वाले दो युवकों को नामजद आरोपी बनाया गया है. केस की जांच नए कानून के तर्ज पर होगी. नगर थाने से जीरो एफआइआर की कॉपी गायघाट थाने को भेज दी गयी है. नगर थाने में दर्ज जीरो एफआइआर में पीड़ित सॉफ्टवेयर इंजीनियर राम विनय ठाकुर ने बताया है कि वह मूल रूप से गायघाट थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर के रहने वाले हैं और 28 जून को बिहार संपर्क क्रांति से मुजफ्फरपुर आए थे.

मुंह पर नशीला पदार्थ छिड़कर किया बेहोश:इंजीनियर ने बताया कि चार-पांच लोगों ने उसको अपने झांसे में ले लिया. कहा कि आपके गांव के पास का हूं, चलिए आपको लिफ्ट दे देते हैं. उन लोगों ने गायघाट ले जाने के दौरान उन्हें टोल प्लाजा के ऊपर से ले जाने के बजाए नीचे से ले गए. फिर मुंह पर कुछ छिड़क कर बेहोश कर दिया. फिर मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, मेट्रो कार्ड, एसबीआइ कार्ड, दो एटीएम कार्ड, छह हजार नकद, दो ट्रॉली बैग भी लूट लिया.

“दो शख्स जो मेरे साथ चढ़े थे, उन्होंने पुरानी दिल्ली से टिकट लिया था, एक का नाम रहमतुल्ला व दूसरे का नाम अफरोज है. पुलिस से दोनों आरोपियों को खोजने के साथ-साथ मोबाइल व सामान की बरामदगी की गुहार लगायी है.”राम विनय ठाकुर, पीड़ित, सॉफ्टवेयर इंजीनियर

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