छपरा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मेथवलिया में अधिवक्ता पिता-पुत्र की हत्या के मामले के अभियुक्त विजय राय के घर पर पहुंचे रिश्तेदारों को बंधक बनाकर मारपीट करते हुए मॉब लिंचिंग का प्रयास किया गया. जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. घर से फरार चल रहे अभियुक्त के घर चोरी की सूचना पर रिश्तेदार पहुंचे थे. वहीं मॉब लिंचिंग की सूचना मिलने पर एसपी ने त्वरित कार्रवाई की चोरी की सूचना मिलने पर पहुंचे थे रिश्तेदार प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिवक्ता राम अयोध्या प्रसाद यादव एवं उनके पुत्र सुनील कुमार यादव की हत्या मामले में नामजद अभियुक्त विजय राय की पत्नी को सूचना मिली कि उसके घर में चोरी हो गयी है. विजय राय का घर हत्याकांड के बाद से ही बंद था. जिसके बाद उनकी पत्नी अपने भाई नगर थाना क्षेत्र के पुलिस लाइन निवासी अशोक राय एवं छोटा तेलपा निवासी इरफान खान के साथ अपने घर पहुंची थी. उनके घर पहुंचते ही उनके पट्टीदार और ग्रामीण आक्रोशित हो गये और उन्हें बंधक बना लिया. जिसके बाद अशोक राय और इरफान दोनों को रस्सी से बांधकर बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी गयी. पुलिस ने मॉब लिंचिंग से बचाया दोनों मॉब लिंचिंग का शिकार हो जाते, लेकिन इस घटना की सूचना एसपी को लग गयी. जिसके बाद उनके निर्देश पर डीएसपी और मुफस्सिल थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों को भीड़ से छुड़ाकर उपचार के लिए छपरा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया गया. उपचार के दौरान जख्मी इरफान ने बताया कि उसे मेथवलिया के घटना की कोई जानकारी नहीं थी. वह अपने मुहल्ले के रहने वाले अशोक राय एवं उनकी बहन को बाइक से छोड़ने के लिए मेथवलिया गया था, जहां उन दोनों के बाइक से उतरते ही 35 से 40 लोग उन्हें घेर लिए और रस्सी से बांधकर लाठी डंडे से पिटाई शुरू कर दी. 12 जून को हुई थी अधिवक्ता पिता-पुत्र की हत्या विदित हो कि बीते 12 जून को छपरा शहर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित दुदहीया पुल के समीप घर से कोर्ट जा रहे दो अधिवक्ता 70 वर्षीय राम अयोध्या प्रसाद यादव तथा उनके 26 वर्षीय अधिवक्ता पुत्र सुनील यादव की बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. अपराधियों ने इस घटना को उस समय अंजाम दिया था जब वह दोनों सुबह-सुबह अपने घर से कोर्ट आ रहे थे. इस मामले में परिजनों के बयान पर पट्टीदार विजय राय एवं उनके पट्टीदारों को नामजद अभियुक्त बनाते हुए हत्या का कारण भूमि विवाद बताया गया था. उस मामले में त्वररित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो अभियुक्त स्थानीय निवासी काली राय और जगदीप राय दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. जबकि विजय राय उस मामले में फरार चल रहे हैं. क्या कहते हैं एसपी अधिवक्ता पिता-पुत्र की हत्या के अभियुक्त विजय राय की पत्नी और साला दोनों घर में चोरी की सूचना के बाद अपने घर मेथवलिया पहुंचे थे. जहां भीड़ के द्वारा अशोक राय और इरफान दोनों की जमकर पिटाई शुरू कर दी गयी. लेकिन सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को भीड़ से बचकर सदर अस्पताल में उपचार कराया गया. फिलहाल चोरी की घटना के विषय में छानबीन की जा रही है कि वस्तु स्थिति क्या है.



