पुलिस को जाम छुड़ाने के लिए काफी मशक्क्त करनी पड़ रही है। बहरहाल, आरा-छपरा फोरलेन पर राज्य सरकार के सुलभ आवागमन के आदेश की धज्जियां उड़ रही हैं। लाख प्रयासों के बावजूद न तो बालू लदे ओवरलोडिंग ट्रकों व ट्रैक्टरों का परिचालन ही बेहतर हो पाया है और न ही एकतरफा सड़क पर दोनों ओर से वाहनों के परिचालन का सुलभ उपाय ही प्रशासन के पास है। नतीजतन इस सड़क पर जाम खत्म होने का नाम नही ले रहा है। फोरलेन का पश्चिमी रास्ते के नवनिर्माण के कारण फोरलेन के पूर्वी रास्ते से ही दोनों दिशाओं से वाहनों का परिचालन कराया जा रहा है जिससे पूरी यातायात चरमरा गई है। फोरलेन पर दो पहिया व चार पहिया वाहनों का चलना भी मुश्किल हो गया है।बालू के परिचालन शुरू होने के बाद से कोईलवर मनभावन होटल से लेकर बबुरा तक भारी वाहनों के परिचालन से जाम का नजारा देखने को मिल रहा है।
सड़क पर छोटी-बड़ी गाड़ियों की लगी रही लंबी कतार सोमवार को सड़क पर छोटी बड़ी गाड़ियों की लंबी कतार लगी रही। जाम की स्थिति को देखते हुए लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी तो वहीं कईयों ने लिंक रोड का भी सहारा लिया। स्थानीय लोगों ने आरा-छपरा फोरलेन पर जिला प्रशासन की अनदेखी व लापरवाही के बाबत कहा की जिला प्रशासन ने बालू का परिचालन बंद होने के दौरान सड़क बनवाने की कोई सुधि नहीं ली। लोगों ने कहा की जब प्रशासन ने ओवरलोडिंग पर रोक लगाने की कवायद की है तो फिर फोरलेन के पश्चिमी लेन को पीसीसी कराने का कोई मतलब ही नहीं था। उसे तत्काल कालीकरण करा पूर्वी भाग की सड़क चालू रखने की कवायद की जानी चाहिए थी। अलबता, आज जाम से लोग हलकान रहें वहीं जाम में बड़े वाहन फंसे रहे।
जाम का मुख्य कारण बबुरा से डोरीगंज पुल तक सड़क की स्थिति बहुत ही जर्जर है। जिस कारण सड़क वन वे हो जाता है। दोनों तरफ से गाड़ियां आती जाती है व जाम लग जाता है। इस दौरान गाड़ियां खराब भी हो जाती है। वैसे पुलिस जाम छुड़ाने में जुटी हुई है। चांदी के तरफ से आने वाले बालू लोडेड ट्रकों को लगभग दो घंटों से रोका गया है। ताकि जाम का असर कम हो।