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विधि व्यवस्था के संधारण एवं सुरक्षा को लेकर जिले के चार ओपी को मिला थाना का दर्जा।

आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण पाने व विधि व्यवस्था के संधारण एवं सुरक्षा को लेकर जिले के चार ओपी फेकला, नेहरा, बड़गांव व वाजितपुर को थाना का दर्जा दिया गया है। अब इन थानों में पुलिस पदाधिकारियों व जवानों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

पुलिस मुख्यालय की ओर से अभी इन थानों में पुलिस पदाधिकारियों व जवानों की संख्या स्पष्ट नहीं की गई है। लेकिन आम तौर पर एक थाने में 1 इंस्पेक्टर, 4 से 6 सब इंस्पेक्टर, 1 हवलदार, 1 मुंशी व 4 से 6 जमादार की

तैनाती की जाती है। इन चार ओपी में सबसे पुराना ओपी फेकला है। फिलहाल जिले में 23 थाने व 6 ओपी कार्यरत हैं। फेकला को उस समय ओपी बनाया गया जब बहादुरपुर थाना क्षेत्र में एमसीसी की गतिविधियां चरम पर थीं। एमसीसी की

ओर से दो लोगों की हत्या के बाद 1992 में बहादुरपुर थाना क्षेत्र में फेकला को ओपी बनाया गया। इसमें बहादुुरपुर प्रखंड की 6 पंचायत शामिल हैं। शुरू में इसे आनन फानन में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में खोला गया। 2016 में स्वास्थ्य विभाग ने मकान खाली करने का आदेश दिया तो यह फिलहाल किराए के मकान में चल रहा है। यहां ओपी अध्यक्ष सहित 4

पदाधिकारी,एक सेक्सन होमगार्ड और एक सेक्सन जिला बल के अलावे एक-एक मुंशी व मैनेजर, सीसीटीएनएस और चालक सिपाही तैनात हैं। ओपी अध्यक्ष को छोड़कर अन्य पुलिस पदाधिकारी व जवान जहां तहां किराए के मकान लेकर रहते हैं।

महिला हाजत एवं मालखाना की पर्याप्त जगह नहीं रहने की वजह से जब्त वाहन एवं सामान को रखने में काफी परेशानी होती है। महिला आरोपी पकड़ाने पर उसे रखने में काफी परेशानी होती है। ओपी को थाने के रूप में कार्य कराने की प्रक्रिया शुरू हुई : एसएसपी

^एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जगारेड्डी ने कहा कि इन ओपी को थाना के रूप में कार्यरत करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले सोमवार या मंगलवार को इसका विधिवत उद्घाटन कर दिया जाएगा।

वर्ष 2011 से पंचायत भवन में चल रहा है नेहरा ओपी नेहरा पूर्वी पंचायत में बढ़ते अपराध को देखते हुए ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2011 में जिला पुलिस विभाग की अनुशंसा पर सरकार ने नेहरा में ओपी खोला।

लेकिन इसे अभी तक अपना भवन नसीब नहीं है। यह ओपी पंचायत भवन में चल रहा है। कम जगह रहने से पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों को रहने में परेशानी होती है। यहां न ही मालखाना है और न ही गिरफ्तार आरोपियों को रखने के लिए जगह है। वहीं 2013 में मनीगाछी प्रखंड क्षेत्र में दूसरा ओपी वाजितपुर की स्थापना की गई। नेहरा ओपी के अधीन छह और बाजितपुर ओपी के अधीन तीन पंचायत है।

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