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बहाली नहीं निकलने से नाराज शिक्षक अभ्यर्थियों ने निकाला कैंडल मार्च।

पिछले तीन वर्षों से आगामी सातवीं चरण शिक्षक बहाली का इंतजार कर रहे जिला के दर्जनों अभ्यर्थियों ने रविवार को दोनार चौक से कर्पूरी चौक तक मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया।

मार्च के समाप्ति के उपरांत आयोजि सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष आलोक ठाकुर ने कहा कि बिहार के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में लगभग तीन लाख शिक्षकों के पद खाली है। सर्वविदित है कि सरकारी विद्यालयों में वंचित- पिछड़ों समाज के बच्चे पढ़ने जाते हैं। कहीं ना कहीं सरकार इनके उत्थान के लिए गंभीर नहीं है।

उन्होंने कहा दूसरी तरफ सभी अहर्ता प्राप्त कर शिक्षक अभ्यर्थी सड़क पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर है। 10 लाख नौकरी का वादा जुमला साबित हो रहा है।

सभा को संबोधित करते हुए एम कुमार ने कहा कि वर्तमान बिहार सरकार शिक्षा दान योजना की बात करती है। जो कि बिल्कुल आईटी एक्ट 2009 के खिलाफ है। इसमें शिक्षकों के योग्यता का निर्धारण किया गया है और शिक्षक प्रशिक्षण के लिए संस्थाओं का स्थापना किया गया। पहले तो सरकार को इन संस्थाओं के तालाबंदी करने की योजना लानी चाहिए फिर शिक्षा दान योजना पर विचार करनी चाहिए।

सभा के दौरान एमपी यादव, सचिन कुमार, पुरुषोत्तम झा, शन्नी कुमार, न्यूटन देव, राहुल कर्ण, गरीबदास, हरिओम चौधरी, बाल भगवान पारस देव मोनु कमाल राम मोहन मिश्र ,सुनील मंडल , प्रवीण कुमार, सुनील चौपाल आदि शिक्षक अभ्यर्थी उपस्थित थे।

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