बढ़ते अपराध पर पूर्व विधायक अमर नाथ गामी का बड़ा बयान – “अपराध का भ्रूण मारो, तभी आएगा राम राज्य”
दरभंगा। पूर्व विधायक श्री अमर नाथ गामी ने आज प्रेस को जारी बयान में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा – _”आप चुप रहे तो समाज मर जायेगा।”_
श्री गामी ने कहा कि केवल भाषणों से अपराध नहीं रुकेगा। पुलिस अपराधी को पकड़ती है, लेकिन न्याय में देरी के कारण अपराधी जमानत पर बाहर आकर फिर वारदात करता है। देर से मिला न्याय, आपराधिक मानसिकता को खत्म नहीं कर पाता।
_उन्होंने कहा – “बिमारी के लक्षण का इलाज करने से बिमारी नहीं जाती। अपराध को पनपने से पहले, उसके भ्रूण की ही हत्या करनी पड़ेगी। तभी सच्चा राम राज्य आएगा।”_
प्रमुख मांगें एवं सुझाव:
1. त्वरित न्याय: हत्या जैसे संगीन मामलों में एक साल के अंदर सजा की प्रक्रिया कानूनन तय हो।
2. इनकाउंटर पॉलिसी: पुलिस बेहिचक मुठभेड़ करे। जान पर बन आए तो इनकाउंटर को प्राथमिकता दे। 90% इनकाउंटर जायज हैं, 10% फेक की वजह से पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा करना गलत है।
3. प्रारम्भिक अपराध पर नई नीति:
क. पहली बार लप्पड़-थप्पड़, धमकी, गुंडागर्दी की सूचना पर पुलिस हल्की सख्ती करे और बालिग आरोपी को जिम्मेदार अभिभावक की लिखित गारंटी पर छोड़े।
ख.दूसरी बार वही व्यक्ति पकड़ा जाए तो इसे आपराधिक मानसिकता मानकर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। अब कोई गारंटी नहीं।
4. गंभीर श्रेणी: नशा, अवैध हथियार, चोरी की गाड़ी के साथ पकड़े जाने को ‘प्रारम्भिक’ नहीं, सीधे ‘गंभीर अपराध’ माना जाए। ऐसे मामलों में तत्काल गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सजा हो।
5. थाना स्तर पर सफाई अभियान: जो व्यक्ति कोई काम-धंधा नहीं करता, फिर भी ऐशो-आराम का जीवन जीता है, उसकी पड़ताल अनिवार्य हो। महंगी गाड़ी, मोबाइल, मकान का आय स्रोत पूछने का अधिकार पुलिस को मिले।
समाज से अपील:
श्री गामी ने कहा कि हत्यारा हमारे ही घर में पलता है। घर वालों और आस-पड़ोस को पता होता है, फिर भी हम चुप रहते हैं। छोटी वारदात को नजरअंदाज करने से ही कल का बड़ा अपराधी जन्म लेता है। समाज को पुलिस का साथ देना होगा।
सरकार पर टिप्पणी:
“सरकार इतनी ही मजबूत होती तो अमेरिका में राष्ट्रपति और भारत में दो प्रधानमंत्री की हत्या नहीं होती। इसलिए केवल सरकार के भरोसे बैठना खतरनाक है। सरकार और समाज, दोनों जब तक संयुक्त रूप से जवाबदेह नहीं बनेंगे, तब तक राम राज्य नहीं आएगा।”
_”मरने वाला भी समाज है, मारने वाला भी समाज है। अब चुप्पी तोड़नी होगी” – अमर नाथ गामी_