July 9, 2026 Stories worth reading. Perspectives worth sharing.
घुटना बदलना नहीं, घुटने को बचाना’ थीम पर एस.एन. सर्राफ हॉस्पिटल में लाइव आर्थ्रोस्कोपी सर्जरी कार्यशाला का सफल आयोजन
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घुटना बदलना नहीं, घुटने को बचाना’ थीम पर एस.एन. सर्राफ हॉस्पिटल में लाइव आर्थ्रोस्कोपी सर्जरी कार्यशाला का सफल आयोजन

Santosh Dutta Jha July 9, 2026 1 min read

एस.एन. सर्राफ हॉस्पिटल, दरभंगा में आज “घुटना बदलना नहीं, घुटने को बचाना” थीम पर एक दिवसीय लाइव आर्थ्रोस्कोपी सर्जरी कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य आधुनिक आर्थ्रोस्कोपी तकनीकों के माध्यम से घुटने के जोड़ को सुरक्षित रखते हुए बेहतर उपचार के प्रति चिकित्सकों एवं आमजन को जागरूक करना था।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. जगरनाथ रेड्डी वरिये पुलिस अधीक्षक दरभंगा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया तथा इस प्रकार की शैक्षणिक कार्यशालाओं को चिकित्सा क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

 

कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित आर्थ्रोस्कोपी विशेषज्ञ डॉ. के. के. गुप्ता, डॉ. श्रीधर एवं डॉ. श्रीनिवास ने आधुनिक आर्थ्रोस्कोपी तकनीकों, खेल संबंधी चोटों, लिगामेंट इंजरी, मेनिस्कस की समस्याओं तथा घुटने को बदलने के बजाय उसे संरक्षित रखने की नवीनतम उपचार पद्धतियों पर विस्तृत जानकारी साझा की। विशेषज्ञों ने लाइव सर्जरी के माध्यम से जटिल मामलों का सफल प्रदर्शन भी किया, जिससे उपस्थित चिकित्सकों को नई तकनीकों को समझने एवं सीखने का अवसर प्राप्त हुआ।

 

इस अवसर पर एस.एन. सर्राफ हॉस्पिटल के प्रोफेसर डॉ. एस. एन. सर्राफ, डॉ. अभिषेक सर्राफ, डॉ. प्रियंका सर्राफ, डॉ. एस. के. ठाकुर एवं डॉ. अभिषेक घवलकर, डॉ अरविंद प्रसाद गुप्ता, डॉ. गुरुदेव कुमार, डॉ मनीष कुमार सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक एवं चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर सही जांच एवं आर्थ्रोस्कोपी जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अनेक मरीजों में घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) की आवश्यकता को टाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रारंभिक अवस्था में उचित उपचार किया जाए तो मरीज लंबे समय तक अपने प्राकृतिक घुटने के साथ स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन व्यतीत कर सकते हैं।

 

कार्यशाला में विभिन्न राज्यों से आए ऑर्थोपेडिक सर्जनों, चिकित्सकों एवं चिकित्सा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विशेषज्ञों से संवाद कर आधुनिक सर्जिकल तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

 

अंत में एस.एन. सर्राफ हॉस्पिटल परिवार ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं समाज सेवा के उद्देश्य से इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा।

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