दधीचि देहदान समिति बिहार के जागरूकता अभियान के फलस्वरूप दरभंगा निवासी स्वर्गीय श्री जयप्रकाश जोशी जी के परिजनों द्वारा मृत्यु उपरांत उनका संपूर्ण शरीर सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर (राजस्थान) को दान कर मानव सेवा एवं चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मिसाल कायम की गई।
स्वर्गीय श्री जयप्रकाश जोशी जी का निधन 10 मई 2026 को राजस्थान के बीकानेर में हुआ था, जहाँ उनकी सुपुत्री श्रीमती वर्षा शर्मा एवं दामाद श्री नीरज शर्मा ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए तत्काल उनके संपूर्ण शरीर का दान बीकानेर स्थित सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज को कराया। परिवार के this संवेदनशील एवं प्रेरणादायी निर्णय की समाज में व्यापक सराहना हो रही है।
62 वर्षीय स्वर्गीय जयप्रकाश जोशी जी के देहदान के माध्यम से मेडिकल कॉलेज के छात्र एवं चिकित्सक उनके शरीर पर अध्ययन एवं चिकित्सीय अनुसंधान कर सकेंगे, जिससे भविष्य में हजारों मरीजों के उपचार एवं चिकित्सा शिक्षा को लाभ मिलेगा।
कुमार आदर्श ने कहा, “देहदान मृत्यु के बाद भी जीवन को सार्थक बनाने का सर्वोच्च माध्यम है। जो व्यक्ति अपना शरीर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान हेतु समर्पित करता है, वह वास्तव में मानवता की सेवा करते हुए अमर हो जाता है।”
मनमोहन सरावगी ने बताया कि दरभंगा जिले से यह पाँचवाँ देहदान है। स्वर्गीय जयप्रकाश जोशी जी ने लगभग दो वर्ष पूर्व अपने पुत्र स्वर्गीय शरद जोशी जी का नेत्रदान कराकर समाज के सामने एक अनूठी प्रेरणा प्रस्तुत की थी। अब स्वयं देहदान कर उन्होंने सेवा और त्याग की परंपरा को और ऊँचाई प्रदान की है।
दधीचि देहदान समिति बिहार के अध्यक्ष श्री गंगाप्रसाद, पूर्व राज्यपाल एवं महासचिव पद्मश्री विमल जैन ने पूरे परिवार के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए एक पत्र परिवार के नाम प्रेषित किया।
रुक्मानन्द अग्रवाल ने कहा कि ऐसे निर्णय समाज में जागरूकता फैलाने और लोगों को देहदान एवं नेत्रदान के लिए प्रेरित करने का कार्य करते हैं।
समिति ने परमपिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
इसी क्रम में समिति द्वारा स्वर्गीय जयप्रकाश जोशी जी के अंतिम श्राद्धकर्म एवं पगड़ी रस्म के अवसर पर उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में उनके छोटे भाई श्री किसन जोशी, श्री श्याम बिहारी जोशी एवं दामाद श्री नीरज शर्मा प्रमुख थे।
बिनोद शर्मा ने कहा, “मृत्यु अंत नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का नया आरंभ भी हो सकता है।”
सुशील जैन ने कहा कि “देहदान महादान है, जो समाज को जीवन, शिक्षा और शोध का अमूल्य उपहार देता है।”
नेत्रदान एवं देहदान के लिए इच्छुक जागरूक व्यक्ति दधीचि देहदान समिति दरभंगा के क्षेत्रीय मंत्री मनमोहन सरावगी से मोबाइल नंबर 9431219884 पर संपर्क कर सकते हैं।
सम्मान समारोह में विनोद सरावगी, बनवारी लाल सरावगी, अरुण शर्मा, विनोद शर्मा, राजेश बोहरा, धरम कुमार, प्रशांत कुमार रवि, श्याम शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।




