Thursday, May 14, 2026
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विश्वविद्यालय भौतिकी विभाग द्वारा सॉफ्टप्रो इंडिया के सहयोग से जुबिली हॉल में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

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ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन विद एआई टेक्नोलॉजीज’ विषयक कार्यक्रम में 200 से अधिक व्यक्तियों की हुई सहभागिता

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ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातकोत्तर भौतिक विभाग द्वारा सॉफ्टप्रो इंडिया के सहयोग से “ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन विद एआई टेक्नोलॉजी” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जुबिली हॉल में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं कुलगीत के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत पाग, चादर एवं बुके से किया गया।

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विज्ञान के संकायाध्यक्ष प्रो दिलीप कुमार चौधरी ने शिक्षा में एआई प्रौद्योगिकी की बढ़ती आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए और एआई के दुरुपयोग पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज एआई का प्रयोग शिक्षा, स्वास्थ्य आदि अनेक क्षेत्रों में तेजी से हो रहा है। प्रो अरुण कुमार सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए ‘एआई फॉर ऑल’ पर अपना विचार साझा किया। उन्होंने कहा कि एआई सीखना और इसे सभी के लिए सुलभ बनाना समय की माँग है। प्रो सुरेन्द्र कुमार ने एआई के उपयोग और दुरुपयोग के बारे में विस्तृत से चर्चा किए। कहा कि एआई का प्रयोग समय की मांग है, जिससे कार्य की गति तीव्र होती है। विश्वविद्यालय भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो नौशाद आलम ने कार्यशाला में स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। कहा कि एआई हमारे लिए 24×7 सेवा देता है। समय के साथ इसकी उपयोगिता बढ़ती जा रही है।

इस कार्यशाला में सॉफ्टप्रो इंडिया के सीटीओ इंजी. अर्जित वर्मा और सीओओ इंजी. रोहित कुमार रिसोर्स पर्सन के रूप में उपस्थित थे।

इंजी. अर्जित वर्मा ने छात्रों को जेमिनी, क्लॉड, नोटबुक एलएम जैसे विभिन्न एआई टूल्स से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि विभिन्न एलएलएम आधारित एआई टूल्स को प्रॉम्प्ट कैसे दें? यदि छात्र प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग सीख लें तो वे एआई टूल्स का अधिक कुशलता से उपयोग कर सकेंगे। साथ ही उन्होंने शिक्षकों के लिए कक्षा को रोचक और आकर्षक बनाने हेतु क्विज़, असाइनमेंट और व्याख्यान कुशलतापूर्वक बनाने की विधि भी बताई जो अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस कार्यशाला में विभाग की शिक्षिका डॉ सुमनदीप कौर, पीआरओ डॉ आर एन चौरसिया, डॉ अंकित कुमार, डॉ पारुल बनर्जी, उत्सव पाराशर, विभिन्न विभाग के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी सहित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान के विभिन्न ब्रांचों की छात्राओं ने भाग लिया। कार्यशाला में मंच संचालन डॉ पूजा अग्रवाल एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ दीपक कुमार ने किया।

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