ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के विश्वविद्यालय रसायनशास्त्र विभाग में आज एक विशेष व्याख्यान (Lecture) का आयोजन किया गया, जिसका विषय “हरित रसायन : पौधों द्वारा नैनो कणों का निर्माण और उपयोग था।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ नूपुर श्रीवास्तव ने व्याख्यान दिया। वे शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। अपने व्याख्यान में डॉ नूपुर श्रीवास्तव ने ग्रीन केमिस्ट्री की अवधारणा एवं उसके महत्व पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को ध्यान में रखते हुए रसायन विज्ञान के क्षेत्र में ऐसी तकनीकों का विकास आवश्यक है जो पर्यावरण के लिए सुरक्षित एवं कम प्रदूषणकारी हों। इसी दिशा में पौधों (Plant Extracts) की सहायता से नैनो पार्टिकल्स का संश्लेषण एक उभरती हुई एवं प्रभावी तकनीक है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक रासायनिक विधियों की तुलना में प्लांट मेडिएटेड नैनो पार्टिकल संश्लेषण कम विषैले रसायनों का उपयोग करता है तथा यह प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल, कम लागत वाली एवं जैविक रूप से सुरक्षित मानी जाती है। साथ ही इन नैनो पार्टिकल्स का उपयोग औषधि निर्माण, कैंसर उपचार, एंटी बैक्टीरियल गतिविधियों, जल शोधन, कृषि एवं विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो दिलीप कुमार चौधरी ने की। इस कार्यक्रम का संयोजक डॉ अनीन्द्र शर्मा रहे। मंच संचालन डॉ अभिषेक राय के द्वारा किया गया। डॉ संजय कुमार चौधरी ने स्पीकर का संक्षिप्त परिचय दिया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ मोनी शर्मा के द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ सोनू राम शंकर, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने विषय से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य वक्ता द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया।विभागाध्यक्ष प्रो दिलीप कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक एवं शोधोन्मुख कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान की दिशा में प्रेरित करते हैं तथा उनके ज्ञानवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का सफलता पूर्वक समापन किया गया।




