इस कार्यक्रम का संयोजन संस्थान की सहायक प्राध्यापिका श्रीमती नेहा कुमारी द्वारा किया गया। उनके कुशल समन्वय एवं मार्गदर्शन में कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में दरभंगा की प्रसिद्ध महिला चिकित्सक डॉ. नूतन राय, डॉ. अलका द्विवेदी, डॉ. पुष्पा झा, डॉ. सावित्री ओझा और श्रीमती रेखा पाहुजा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। सभी वक्ताओं ने छात्राओं को महिला स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने विचारों से अवगत कराया।
अपने संबोधन में डॉ. नूतन राय ने महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में महिलाएं अक्सर अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं, जिसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं मानसिक संतुलन बनाए रखने के महत्व को विस्तार से समझाया।
डॉ. अलका द्विवेदी ने किशोरावस्था एवं युवावस्था में होने वाले शारीरिक एवं हार्मोनल परिवर्तनों पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने स्वच्छता, पोषण एवं नियमित दिनचर्या के महत्व को रेखांकित किया और बताया कि सही जानकारी ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है।
डॉ. पुष्पा झा ने महिलाओं में सामान्य रूप से पाई जाने वाली स्वास्थ्य समस्याओं एवं उनके समय पर उपचार के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें और समय रहते चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को भी रेखांकित किया और तनाव प्रबंधन के उपाय बताए।
डॉ. सावित्री ओझा ने अपने संबोधन में महिला स्वास्थ्य के प्रति नियमित जागरूकता एवं आत्म-देखभाल (self-care) की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि “महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। नियमित जांच, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और मानसिक शांति स्वस्थ जीवन के आधार हैं। अक्सर महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों में अपने स्वास्थ्य को पीछे कर देती हैं, लेकिन यह दृष्टिकोण बदलना आवश्यक है।” उन्होंने छात्राओं को जागरूक करते हुए यह भी कहा कि “प्रारंभिक लक्षणों को नजरअंदाज करना कई बार गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है, इसलिए समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है।”
श्रीमती रेखा पाहुजा ने महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर के साथ-साथ आत्मविश्वास और जागरूकता भी महिलाओं के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को समाज में सक्रिय भूमिका निभाने एवं अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर संस्थान की उप-कुलसचिव (Deputy Registrar) डॉ. प्रियंका राय ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता आज के समय की अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं को न केवल स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाते हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर एवं जागरूक नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करते हैं। संस्थान निरंतर ऐसे प्रयास करता रहेगा, जिससे छात्राओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।”
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. अजय नाथ झा ने अपने संबोधन में कहा कि “महिला स्वास्थ्य किसी भी समाज की प्रगति का आधार है। यदि हमारी छात्राएं शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होंगी, तभी वे अपने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगी। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान करते हैं, बल्कि छात्राओं में आत्मविश्वास एवं जागरूकता भी बढ़ाते हैं, जो उनके समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।”
प्रो. झा ने इस अवसर पर माननीय कुलपति महोदय के दूरदर्शी नेतृत्व, दिशा-निर्देश एवं विज़न की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में संस्थान लगातार नई-नई पहल कर रहा है, जिससे छात्राओं को शैक्षणिक एवं व्यावहारिक दोनों स्तरों पर सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, ताकि छात्राओं को समसामयिक विषयों पर जागरूक किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया, जिससे कार्यक्रम अत्यंत संवादात्मक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ। अंत में संस्थान परिवार द्वारा सभी अतिथि वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
साथ ही संस्थान प्रशासन द्वारा यह भी सूचित किया गया कि संस्थान में विभिन्न पाठ्यक्रमों— बी.टेक (बायोइन्फॉर्मेटिक्स, कंप्यूटर साइंस, आईटी), बीसीए एवं एमसीए—में नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी समय रहते आवेदन कर सकते हैं।





