गणतंत्र दिवस पर कुलपति ने मुख्यालय प्राचीर से फहराया तिरंगा
36 अनुकंपा पाल्यों को मिला नियुक्ति – पत्र
कुलपति ने मूल्यपरक शिक्षा, उन्नत शोध और आत्मनिर्भरता का दिया संदेश
दरभंगा। भारतीय गणतंत्र के 77 वें पुनीत दिवस पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो संजय कुमार चौधरी ने विश्वविद्यालय मुख्यालय भवन से प्रातः 9.30 बजे ध्वजोत्तोलन किया। साहस, शांति और समृद्धि के प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देने के बाद कुलपति ने एनसीसी परेड का निरीक्षण किया । उन्होंने परेड सलामी के बाद समूचे विश्वविद्यालय परिवार को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं । कुलपति ने भारतीय संस्कृति, संप्रभुता, समरसता और राष्ट्रप्रेम को सर्वोच्च मानते हुए स्वच्छ ,शिक्षित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर बल दिया। अपने संबोधन में कुलपति ने गणतंत्र दिवस को भारत के संवैधानिक मूल्यों, संविधान की शक्ति और नागरिक अधिकारों का प्रतीक बताया। उन्होंने वैश्विक वातावरण के अनुकूल देश को वर्ष 2047 में विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सभी का आह्वान किया। कुलपति ने मूल्यपरक शिक्षा, उन्नत शोध और आत्मनिर्भरता की भावना को भरते हुए विश्वविद्यालय द्वारा स्किल डेवलपमेंट, वोकेशनल कोर्सेज, सॉफ्ट कॉम्पोनेंट आदि के विकास और विस्तार पर अपने विचार रखें।अपने संबोधन में कुलपति ने आगे कहा कि आज़ादी के बाद भारतवासियों के सामने एक नए भारत के निर्माण की चुनौती थी। नया भारत कैसा हो? सशक्त और सर्व- धर्म – समभाव की चेतना यहां कैसे स्थापति हो? कर्तव्य- बोध की भावना कैसे नागरिकों में उद्बुध हो? ऐसे तमाम प्रश्न थे , जिनके हितार्थ संविधान सभा की स्थापना हुई। 26 जनवरी, 1950 से अद्यतन हमारा देश 77 वर्षों में नई कीर्तिमानों को स्थापति कर चुका है। किंतु विश्वगुरु का स्वप्न अब भी अधूरा है, चुनौतियां अब भी हैं। एक तरफ़ देश तेज़ी से तीसरी बड़ी इकोनॉमी की ओर अग्रसर है, वहीं दूसरी ओर युवा अपने ज्ञान, परंपरा और अनुशासन के बल पर नई इबारतें लिख रहे हैं। संक्रमण के क्षण में विकसित भारत के निर्माण में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका निर्विवाद बनी हुई है। शिक्षण और शोध के क्षेत्र में साहस और तटस्थता के साथ – साथ समर्पण की भी आवश्यकता है। सभी देशवासियों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि संगठित होकर राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करें। दरअसल मज़बूत नींव मूल्यपरक शिक्षा और अनुशासन से सिक्त
‘आत्मनिर्भरता पर’ आधारित होती है। वर्ष 2026 के गणतंत्र दिवस का थीम ‘ वंदे मातरम्’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ है। उच्च शिक्षण संस्थान होने के कारण हम नई शिक्षा नीति के आलोक में स्वपोषित संस्थान बनें, ऐसा लक्ष्य होना चाहिए। हमारी प्राथमिकता इस सत्र में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई शुरु करने की है। शिक्षा के ग्लोबल स्टैंडर्ड को ध्यान में रखते हुए हमें आगे बढ़ना है। हमें नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क, टीचिंग – लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कदम- से – कदम मिलाकर चलते हुए नवीन शोध व अध्ययन में कीर्तिमान स्थापित करने होंगे। विश्वविद्यालय में पीएम उषा योजना अंतर्गत ‘ मेरु’ के दिशा-निर्देशानुसार कार्य क्रियान्वित हो रहे हैं। इस अवसर पर कुलपति ने उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि बीपीएससी द्वारा नियुक्त 19 विषयों के 264 सहायक प्राध्यापकों को एकेडमिक लेवल 10 से एकेडमिक लेवल 11 में प्रोन्नत किया गया। रीडर से प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति के लिए फरवरी महीने से प्रक्रिया शुरू होगी। तीन से चार महीने की अवधि में शिक्षकों की प्रोन्नति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। खेल एवं शिक्षा निदेशालय की स्थापना से छात्रों में खेल – कूद के क्षेत्र में नए रास्ते खुलेंगे। नालंदा खेल विश्वविद्यालय के बाद ईस्टर्न जोन में हमारे विश्वविद्यालय की यह बड़ी उपलब्धि होगी ,जिससे छात्रों का पलायन रुकेगा। विद्वत परिषद् के अनुमोदन पश्चात् सीनेट बैठक के बाद कई सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, यूजी और पीजी कोर्सेज शुरु होंगे। परीक्षा विभाग द्वारा स्टूडेंट ग्रीवांस पोर्टल के शुभारंभ से हमारे छात्रों को बिना लंबी कतार के घर बैठे अंक- पत्र, डिग्री और त्रुटि संबंधित सुधार सुविधाओं का भी लाभ मिल रहा है। हमारी कोशिश है कि क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम दो से चार माह के भीतर संचालित हो जाए। सामाजिक विज्ञान संकाय ब्लॉक और महिला छात्रावास निर्माण से भविष्य में छात्रों को सुविधा होगी। कुलपति ने विश्वविद्यालय के खेल, एनसीसी, एनएसएस विंग में छात्र – छात्राओं के राज्य और राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व की भी सराहना की। इस पुनीत अवसर पर कुलपति ने पाल्यों को अनुकंपा के आधार पर लनामिवि , सेवा अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ कर्मचारी के पद पर राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत वेतनमान एवं अन्य भत्ते सहित नियुक्ति पत्र का वितरण किया। कुल 36 पाल्यों को कुलपति ने विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य स्वरूप जुड़ने का स्वागत किया। सोमवार को विश्वविद्यालय परंपरा का निर्वहन करते हुए कुलपति ने महात्मा गांधी सदन, मुख्यालय भवन और कुलपति आवासीय कार्यालय में झंडोतोलन किया। कर्मचारी संघ कार्यालय एवं छात्र संघ कार्यालय में कुलसचिव डॉ दिव्या रानी हंसदा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, वहीं नरगौना मुख्य भवन में वरिष्ठ संकायाध्यक्ष प्रो मो शाहिद हसन तथा दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो हरे कृष्ण सिंह ने निदेशालय कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज को फहराते हुए सलामी दी। राष्ट्रगान की धुन, दिल्ली गेट की झांकी में केसरिया , सफ़ेद व हरे बंदनवार व सुगंधित फूलों से समूचा विश्वविद्यालय परिसर राष्ट्रीय पर्व की कांति से शोभायमान रहा।
