दरभंगा के एलएनएमयू का 11वां दीक्षांत समारोह हुआ। इसमें आज राज्यपाल पहुंचे। कुलपति को हटाने की मांग को लेकर छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्र नेता राज्यपाल से मिलने की मांग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के राज्यपाल और कुलाधिपति उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन ने विस्तृत तैयारियों के बीच कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संपन्न कराया।
समारोह में विभिन्न संकायों के कुल 1122 छात्रों को उपाधि प्रदान की गई। साथ ही 60 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। कुलपति के नेतृत्व में विभाग के अध्यक्ष, सीनेट-सिंडिकेट सदस्य, विद्वत परिषद, विभिन्न अधिकारी और शिक्षकों की ओर से विद्वत शोभा यात्रा निकाली गई।
विश्वविद्यालय संगीत और नाट्य विभाग के विद्यार्थियों ने प्रो. लावण्य कीर्ति सिंह ‘काव्य’ के निर्देशन में राष्ट्रगान, विश्वविद्यालय कुलगीत और कन्वोकेशन बैंड प्रस्तुत किया।
सत्य की ओर ले जाता है गीता
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि “गीता का ज्ञान ऐसा है, जो व्यक्ति को भ्रम से निकालकर सत्य की ओर ले जाता है।”
उन्होंने विद्यार्थियों से विनम्रता, आत्म-नियंत्रण और मर्यादा पालन का आग्रह किया।
राज्यपाल ने कहा कि पढ़े-लिखे लोग यदि संस्कारों से वंचित हों, तो समाज को अधिक नुकसान पहुंचाती हैं।
शिक्षा से अधिक संस्कार पर जोर देते हुए कहा कि “संस्कार की पहली पाठशाला मां होती है।”
कानूनन कार्रवाई होनी चाहिए
अल-फलाह यूनिवर्सिटी प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे कृत्य “अपराध की श्रेणी में आते हैं और कानूनन कार्रवाई होनी चाहिए।”
गोल्ड मेडलिस्ट अनीशा प्रिया ने कहा कि यह क्षण उनके परिवार और विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। भवानी कुमारी और भास्कर यादव ने लंबे समय बाद हुए इस समारोह को यादगार बताया।
कुलपति को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन
दीक्षांत समारोह के समानांतर संयुक्त छात्र मोर्चा से जुड़े विभिन्न छात्र संगठनों—आइसा, आरवाईए, NSUI, AISF, SFI, छात्र राजद ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर भ्रष्टाचार, मनमानी, शैक्षणिक अराजकता और कथित ‘फर्जी कुलपति’ के पदमुक्ति की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
छात्र मिर्जापुर चौक से जुलूस निकालते हुए आयकर चौक व विश्वविद्यालय थाना मार्ग होते हुए मुख्यालय की ओर बढ़े।
NSUI विश्वविद्यालय अध्यक्ष मोहम्मद नसरुल्ला,आइसा नेता प्रिंस राज, आरवाईए ओणम सिंह व दीपक झा, AISF के अखिलेश,SFI संयोजक हरिशंकर,छात्र राजद राज्य महासचिव नागमणि आदि नेतृत्व कर रहे थे।
विश्वविद्यालय गेट पर पुलिस ने छात्रों को रोकने का प्रयास किया, जिस दौरान हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। छात्र वहीं धरने पर बैठ गए।
छात्र बार-बार कुलाधिपति से वार्ता की मांग कर रहे थे। एसडीओ और डीएसपी से संक्षिप्त वार्ता के बावजूद वार्ता तय न होने पर छात्र फिर से आगे बढ़े, जिसके बाद पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में ले लिया।
छात्रों की ओर से तैयार मांग पत्र एसडीओ के माध्यम से कुलाधिपति को भेजा गया।
छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में 5-6 साल के असिस्टेंट प्रोफेसर को अधिकारी बनाना,मनमाने ढंग से ट्रांसफर-पोस्टिंग,मनचाहे लोगों को प्रभारी प्रधानाचार्य नियुक्त करना, दीक्षांत समारोह में छात्रों से भारी शुल्क लेकर सस्ते किट देना,संबद्ध कॉलेजों में नियुक्ति और अन्य कार्यों में मिलीभगत ये सब भ्रष्टाचार के बड़े उदाहरण हैं।
छात्रों ने कुलपति पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पदमुक्ति की मांग की।




