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क्यों महंगा है यूपी और बिहार से अधिक पलामू का बालू? नहीं मिल रहे घाटों के खरीदार।

पलामू:जिले का बालू उत्तर प्रदेश और बिहार से अधिक महंगा है. झारखंड में सबसे अधिक पलामू के बालू घाट महंगे हैं. दरअसल, पूरे राज्य में बालू घाटों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई है. पलामू के बालू घाट के कोई भी खरीदार सामने नहीं आ रहा है. बालू घाट के खरीदार नहीं मिलने के कारण दो बार नीलामी की प्रक्रिया बढ़ाई गई है.

पलामू का बालू सबसे महंगा

पलामू का बालू 12.80 पैसे प्रति सीएफटी है. जबकि यूपी का छह और बिहार का चार रुपए प्रति सीएफटी है. पलामू का इलाका बिहार एवं उत्तर प्रदेश से सटा हुआ है. पूर्व में पलामू का बालू बिहार एवं उत्तर प्रदेश में सप्लाई किया जाता रहा है. पलामू के बालू का एक बड़ा बाजार उत्तर प्रदेश का वाराणसी और बिहार से सटा हुआ इलाका रहा है.

पलामू में 38 बड़े बालू के घाट हैं, जिनकी नीलामी से सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व मिलने वाला है. पहली बार नीलामी की प्रक्रिया विफल होने के बाद पलामू के इलाके के बालू घाट का रेट 100 करोड़ रुपए तक काम किया गया था.

क्यों नहीं हो पा रही है बालू घाट की नीलामी

झारखंड में सबसे अधिक महंगा पलामू का सिंगरा बालू घाट रहा है. पहली बार नीलामी की प्रक्रिया शुरू हुई थी तो सिंगरा बालू घाट का रेट 231 करोड़ रुपए रखा गया था, बाद में दूसरी बार नीलामी की प्रक्रिया में बालू घाट का रेट 139 करोड़ रुपए रखा गया था. बालू के कारोबार से जुड़े हुए अवधेश कुमार ने बताया कि नीलामी नहीं होने से राजस्व के साथ-साथ आम लोगों का भी नुकसान हो रहा है. बालू का रेट काफी महंगा है और जो कॉर्पोरेट कार्यकर्ता होगा वही बालू घाट की नीलामी में भाग ले सकता है.

उत्तर प्रदेश एवं बिहार के इलाके में बालू घाट चालू हैं, जिस कारण पलामू का बालू बाहर बिकना मुश्किल है. जिला खनन पदाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि बालू घाटों की नीलामी की प्रक्रिया एक बार फिर से शुरू की जाएगी.

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