प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार की शाम मोटर के तार में जोरदार चिंगारी निकली। कुछ ही पलों में आग ने तेजी से फैलते हुए आसपास खड़े वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि धुएं का काला गुबार लगभग एक किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। स्थानीय लोग जब तक कुछ समझ पाते, ट्रैक्टर और ऑल्टो कार पूरी तरह से जल चुके थे।
काफी मशक्कत के बाद पाया काबू
आग लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोग अपनी ओर से आग बुझाने की कोशिश में जुट गए, लेकिन आग इतनी तेज थी कि वह काबू से बाहर हो गई। सूचना मिलते ही बरौनी रिफाइनरी और स्थानीय फायर ब्रिगेड की दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया जा सका।
लाखों का नुकसान, जांच शुरू
बताया जा रहा है कि इस अग्निकांड में एक ट्रैक्टर, एक ऑल्टो कार और कैंपस में रखे कुछ ड्रम व अन्य सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार कुल नुकसान 10 लाख रुपये से अधिक का है। इधर, घटना की सूचना मिलते ही रिफाइनरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट ही प्रतीत होता है। हालांकि, मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मोटर की स्थिति, बिजली के तारों की गुणवत्ता और रखरखाव में हुई संभावित लापरवाही की जांच की जा रही है।





