समस्तीपुर पुलिस और एसटीएफ ने बीते 7 मई को हुए बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 5 करोड़ रुपए की ज्वेलरी और 15 लाख रुपए कैश लूटकांड का खुलासा कर दिया है। शनिवार को एएसपी सह एसडीपीओ 1 संजय कुमार पाण्डेय ने लूटकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 2 लाख रुपए का इनामी अपराधी कर्मवीर इस लूटकांड का मास्टरमाइंड है।
पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड कर्मवीर समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही लूटे गए एक करोड़ रुपए का सोना भी बरामद किया है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद से लगातार पुलिस वैशाली समेत अन्य शहरों में छापेमारी कर रही थी। पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर मास्टरमाइंड समेत कांड में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया।
संजय पांडेय ने बताया कि सभी आरोपी समस्तीपुर के दलसिंहसराय में एक अन्य ज्वेलरी शॉप में लूट की वारदात को अंजाम देने वाले थे, लेकिन उससे पहले गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास बदमाशों के पास से तीन देसी पिस्तौल के अलावा चार गोली, घटना के दौरान इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इसके अलावा हुंडई कार, 19,200 रुपए कैश और 958.28 ग्राम सोना बरामद किया गया है।
एसडीपीओ संजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि दीपक कुमार उर्फ दीपक मुंशी इस लूट कांड में शामिल है। दीपक पहले समस्तीपुर कोर्ट में मुंशी का काम करता था। लेकिन बाद के दिनों में वैशाली और समस्तीपुर जिला में कई लूट कांड में इसका नाम आया है। इससे पहले दलसिंहसराय में भी एक ज्वेलरी शॉप से लूट में दीपक ने लोकल लाइनर की भूमिका निभाई थी।
दीपक कुमार लूटकांड में लोकल लाइनर की भूमिका निभा रहा था। वो शहर के काशीपुर मोहल्ला में ही किराए का मकान लेकर रहता था। दीपक ने ही लूटकांड से पहले बैंक ऑफ महाराष्ट्र में रेकी कर मास्टरमाइंड को बताया था कि बैंक में कब गार्ड होता है, कब भीड़ कम होती है। लूट के बाद ज्वेलरी को गलाने के लिए सोनार को दे दिया था।




