सावधानी बरतना है बेहद जरूरी
मौसम विभाग के मुताबिक, इन जिलों में सतही हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। इस दौरान मौसम की खराबी से बचने के लिए लोगों को घर से बाहर निकलने से बचने और खुले इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर ओलावृष्टि और तेज हवाओं के चलते खेतों में काम कर रहे किसानों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।
गर्मी से मिलेगी राहत
बिहार में पिछले दो दिनों से भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया था। शनिवार को पटना का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि प्रदेश का सबसे गर्म शहर रोहतास था, जहां पारा 39.8 डिग्री तक पहुँच गया। वहीं, सबसे ठंडा इलाका सीतामढ़ी का पुपरी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि 7 अप्रैल से शुरू होने वाली बारिश के बाद तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
मौसम बदलने की वजह
मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में मौसम के मिजाज में बदलाव के कारण वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ी है। पूर्वी हवाओं का असर बढ़ने से बादल बन रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप अगले कुछ दिनों तक बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना बढ़ गई है। खासकर सोमवार और मंगलवार को तेज हवाओं के साथ मौसम का असर अधिक देखने को मिलेगा।
किसानों के लिए चुनौती
मौसम विभाग ने ओलावृष्टि और तेज हवाओं को ध्यान में रखते हुए किसानों को सचेत किया है। किसानों से कहा गया है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए तैयार रहें और वज्रपात से बचने के लिए खुले मैदानों और पेड़ के नीचे रुकने से बचें। साथ ही, ओलावृष्टि के दौरान अपनी फसलों को ढककर रखकर उन्हें नुकसान से बचाने की सलाह दी गई है। इस बदलाव के कारण बिहारवासियों को आगामी दिनों में राहत मिल सकती है, लेकिन साथ ही उन्हें सतर्क भी रहना होगा।