आज गुरुवार को विचार विभाग के बैनर तले गांधी मूर्ति स्वर्ण जयंती पुस्तकालय के समक्ष विशाल मौन धरना का आयोजन किया गया जिसमें पूर्व विधायक अमिता भूषण के अलावा सैकड़ो कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय किसान शामिल हुए।
विचार विभाग के चेयरमेन अधिवक्ता राम पदारथ यादव और किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष बदरी सिंह ने बताया क़ि कांग्रेस हमेशा से जनहित के मुद्दों पर संघर्ष के इतिहास की पार्टी रही है। केंद्र सरकार के इस किसान बिरोधी फैसले पर हमारी नेता अमिता भूषण के नेतृत्व में संघर्ष जारी है और निर्णय वापस होने तक यह सिलसिला जारी रहेगा।
सांसद महोदय जो खुद कैबिनेट के इस निर्णय के समय बैठक में शामिल थे तब मौन धारण किये बैठे रहे आज ज़ब चौतरफ़ा विरोध का सामना कर पड़ रहा है तो सफाई पेश कर रहे हैँ। अपनी नाकामी और नकारेपन को छुपाने के लिये झूठ पर झूठ परोस रहे हैँ, पर उनकी कलई खुल चुकी है, सरकार का किसान और बिहार विरोधी चेहरा उजागर हो चूका है।
अमिता भूषण ने कहा क़ि अब यह आंदोलन किसी राजनैतिक पार्टी मात्र का न रहकर आमलोगों की भावनाओं और उसके अस्तित्व का हो गया है जिसमें स्थानीय स्तर से सैकड़ो लोग जुड़ रहे हैँ, हम सामूहिक और संगठित प्रतिरोध की बुनियाद रख चुके हैँ, हर हाल में इस निर्णय की वापसी सुनिश्चित की जाएगी चाहे प्रतिरोध की अवधि कितनी ही लम्बी और स्वरुप कैसा भी हो