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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अप्रैल 2017 को इस परियोजना का शिलान्यास किया था। निर्माण कार्य 1 नवंबर 2020 को शुरू हुआ। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 2000 करोड़ रुपये है।
यह पुल बिहार और झारखंड के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा। इससे पूर्वोत्तर भारत, नेपाल और पश्चिम बंगाल के लिए व्यापारिक मार्ग खुलेगा। पिछले 50 वर्षों से इस पुल की मांग की जा रही थी।
पुल बनने से भारी सामान के परिवहन की लागत कम होगी। स्थानीय किसान और व्यापारी अपने उत्पाद आसानी से बाजार तक पहुंचा सकेंगे। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मनिहारी और साहिबगंज के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा। यह पुल क्षेत्र के औद्योगिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 2026 तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य है।





