जानकारी के अनुसार, कैदी की पत्नी पूनम गुप्ता भी उसी के साथ जेल में बंद थी। दंपती को कोर्ट के एक वारंट को लेकर नगर पुलिस ने 15 फरवरी की सुबह गिरफ्तार किया था। वहीं, बुधवार को सीने में दर्द होने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सीने में दर्द के बाद उपचार के दौरान मौत
नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर शिवकुमार यादव ने बताया कि मनोज गुप्ता और उनकी पत्नी पूनम गुप्ता को साल 2016 के एक पुराने मामले में कोर्ट से वारंट जारी किया गया था। जिसको लेकर वारंट के आधार पर नगर पुलिस ने 15 फरवरी की सुबह करीब 7 बजे काशीपुर स्थित घर से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद 11 बजे मेडिकल जांच कराया गया। मेडिकल चेकअप फिट के बाद जाने के बाद इसे जेल भेज दिया गया।
वहीं, बुधवार की शाम मनोज ने सीने में दर्द की शिकायत की। जिसके बाद तत्काल जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन स्थिति गंभीर होने की वजह से सदर अस्पताल लाया गया जहां इसका उपचार चल रहा था। देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
सदर अस्पताल के इमरजेंसी में बंदी।
मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगी पोस्टमार्टम
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर गिरीश कुमार ने बताया कि रात उपचार के दौरान बंदी की मौत हुई है। मौत की जानकारी जेल प्रशासन इस बंदी का पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगी। जिसके लिए प्रशासन को जानकारी दी गई है।
मंडल कारा अधीक्षक प्रशांत ओझा ने बताया कि बुधवार दोपहर बंदी ने सीने में दर्द की शिकायत की थी। जिसके बाद जेल के अंदर ही इसकी इसीजी और अन्य जांच कराई गई थी स्थिति में सुधार नहीं होने पर इसे सदर अस्पताल भेजा गया। जहां उसका उपचार चल रहा था, उपचार के दौरान ही रात इसकी मौत हो गई। जिसके बाद परिवार के लोगों को सूचना दी गई है। मृतक मनोज की पत्नी अभी इस मामले में जेल में हैं।





