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बिहार : बिहार पॉलिटिक्स पर प्रशांत किशोर का बड़ा दावा: कहा-खत्म हो जाएगी नीतीश की पार्टी, नरेंद्र मोदी अब कमजोर पीएम 

प्रशांत किशोर ने सोमवार  को इंटरव्यू दिया। इसमें उन्होंने कहा कि अपने तीसरे कार्यकाल में ‘नरेंद्र मोदी कमजोर प्रधानमंत्री हैं। उनकी ताकत और लोकप्रियता भी कम हुई है। प्रशांत ने कहा, चुनाव से पहले ही मैंने यह कहा था कि मोदी जितनी भी सीटें ले आएं, लेकिन वह कमजोर साबित होंगे, क्योंकि लोगों ने उन्हें 10 साल देख लिया है।

 

JDU का भविष्य नहीं दिखता 
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी सवाल उठाए। कहा, नीतीश कुमार की पार्टी (JDU) का भविष्य नहीं है। नीतीश कुमार के साथ मैंने काम किया है। जेडीयू की पूरी पूंजी नीतीश कुमार ही हैं। वह भी कमजोर हो रहे हैं। बिहार में अधिकारियों का जंगलराज है। नीतीश कुमार ने पूरी व्यवस्था अपने चंद सलाहकारों को सौंप रखी है। साथ ही बिहार को अधिकारियों के हवाले कर दिया है। पिछले 4 माह में उन्होंने कोई बयान नहीं दिया। उनके सलाहकार हमेशा घेरे रहते हैं, जिस कारण पब्लिक डोमेन में उनका कोई बयान नहीं आता।

शराबबंदी से 20 हजार करोड़ का नुकसान 
प्रशांत कुमार ने शराबबंदी, स्मार्ट मीटर और जमीन सर्वे पर सवाल उठाए। कहा, यह तीन S नीतीश सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होंगे। शराबबंदी से बिहार को 20 हजार करोड़ का नुकसान हुआ। लेकिन शराब की होम डिलीवरी हो रही है। स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता परेशान हैं। जमीन सर्वे भी जबरन थोप दिया गया। इसके लिए लोगों से राय नहीं ली गई।

 

नीतीश के नाम पर नहीं जीत सकती भाजपा 
प्रशांत किशोर ने कहा, अगले ढाई साल में जिन 9 राज्यों में चुनाव हैं, वहां भाजपा के खिलाफ परिणाम आए तो मोदी सरकार की स्थिरता पर सवाल उठेंगे। बिहार में भाजपा का न तो कोई चेहरा है और न ही ठोस प्रयास दिखते। पार्टी ने सबक कुछ नीतीश के हवाले छोड़ दिया है। जबकि, भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं का स्पष्ट मानना है कि नीतीश के नाम पर हम चुनाव नहीं जीत सकते। लेकिन केंद्र सरकार चलानी है तो बिहार में नीतीश कुमार को साथ लेकर चलना भाजपा की मजबूरी बन गई है।

 

तेजस्वी की अपनी कोई विश्वसनीयता नहीं 
CM का बेटा होने के बाद भी तेजस्वी 9वीं पास नहीं कर पाए प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। कहा, उन्होंने अपनी कोई विश्वसनीयता नहीं बनाई। लालू यादव का बेटा होने के नाते मैंने यह बात कही थी कि वह 9वीं फेल हैं। बहुत से ऐसे लोग भी होते हैं जो कम पढ़े-लिखे होने के बाद भी बुद्धिमान होते हैं, लेकिन समाज में उनका अपना एक योगदान होता है।

राहुल गांधी को तय करना होगा लंबा रास्ता 
प्रशांत किशोर ने कहा, कांग्रेस की स्थिति पर थोड़ा सुधार हुआ है। पिछले 1.5-2 साल में राहुल गांधी ने जो प्रयास किए हैं, उन्हें उसका फायदा मिला है। पार्टी में उनका नेतृत्व पूर्णत: स्थापित हो गया है, लेकिन प्रधानमंत्री बनने के लिए उन्हें देश का नेता बनना होगा। 1977 में इंदिरा गांधी को जीवन की सबसे बड़ी हार मिली थी। कांग्रेस 154 सीटों में सिमट गई थी। लेकिन 2024 के चुनाव में 99 सीटें जीतकर कांग्रेस राहुल गांधी के जीवन की सबसे बड़ी जीत बता रही है। जो कि दर्शाता है कि राहुल गांधी को नेता बनने के लिए लंबा रास्ता तय करना होगा।

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