विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त 2026)
विश्व स्तनपान सप्ताह प्रत्येक वर्ष अगस्त माह के प्रथम सप्ताह (1 से 7 अगस्त) के दौरान विश्वभर में मनाया जाता है।

इसका उद्देश्य स्तनपान के प्रति अभ-जागरुकता बढ़ाना तथा स्तनपान के संरक्षण, प्रोत्साहन एवं समर्थन के प्रयासों को गति प्रदान करना है।विशेष रूप से जन्म के बाद पहले छह माह तक माताओं को सहयोग प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है,ताकि 0-6 माह आयु के शिशुओं में केवल स्तनपान की दर में वृद्धि हो तथा शिशुओं एवं छोटे बच्चों के पोषण संबंधी परिणामी में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

साथ ही, स्तनपान संबंधी वर्तमान अंतराल को कम करने के लिए परिवारों एवं समुदायों का संवेदनशील एवं जागरूक होना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस वर्ष का थीम “Breastfeeding for a Sustainable Start in Life: Strengthen What Works” अर्थात् ‘जीवन की सतत एवं सुदृढ शुरुआत के लिए स्तनपानः प्रभावी व्यवस्थाओं को और सशक्त बनाएं रखा गया है। इसका उद्देश्य स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए पहले से प्रभावी व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाना है।
इसके अंतर्गत पोषण संबंधी जानकारी देना,गर्भवती एवं धात्री माताओं को उचित परामर्श प्रदान करना, बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी करना, गृह भ्रमण के माध्यम से मार्गदर्शन देना तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना शामिल है।

साथ ही, शिशु दुग्ध विकल्प, फीडिंग बोलल एवं शिशु आहार (उत्पादन, आपूर्ति एवं वितरण कर विनियमन) अधिनियम, 1992 (यथासंशोधित) का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना भी आवश्यक है, ताकि माताओं को स्तनपान के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके और शिशुओं के लिए स्तनपान को सर्वोत्तम आहार के रूप में प्रोत्साहित किया जा सके।

विश्व स्तनपान सप्ताह-2026 के आयोजन हेतु गतिविधियाँ
आंगनवाड़ी केन्द्रों पर समुदाय आधारित कार्यक्रम (CBE),सहयोगी विभागों के साथ अभिसरण,शिशु दुग्ध विकल्प (IMS) अभिनियम, 1992 के सम्बन्ध में जागरूकता,व्यवहार परिवर्तन संचार (BCC),मीडिया प्रश्हर एवं जन-जागरूकता आदि शामिल है।
