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डीएम ने तटबंध की सुरक्षा और संभावित बाढ़ की तैयारी का लिया जायजा।

दरभंगा: बुधवार को बाढ़ प्रणव क्षेत्र में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से तटबंध की सुरक्षा व बाढ़ पूर्व तैयारी का फीडबैक लेने के लिए जिलाधिकारी राजीव रौशन की अध्यक्षता में घनश्यामपुर और किरतपुर के प्रखण्ड प्रमुख के साथ-साथ सभी मुखिया जी के साथ ई-किसान भवन, घनश्यामपुर में आयोजित की गयी।

उन्होंने दोनों अंचल के अंचलाधिकारियों से संभावित बाढ़ की तैयारी के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सभी बिन्दुओं पर पुख़्ता इंतजाम की समीक्षा जनप्रतिनिधियों के समक्ष की, ताकि तैयारी का फीडबैक मिल सके।

अंचलाधिकारी, घनश्यामपुर ने बताया कि उनके यहाँ किसी भी नाविक का बकाया भुगतान लंबित नहीं है। आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर कुल घनश्यामपुर के 33 हजार 896 लाभार्थियों का डाटा अपलोड है, जिनमें से 33 हजार 361 लाभार्थियों का आधार सत्यापित है, लाभार्थियों का डाटा अपडेट किया गया है।

इस वर्ष 2023 में स्थानीय प्राकृतिक आपदा में 02 लोगों की मृत्यु हुई है, जिनके परिजनों को अनुग्रह अनुदान राशि का भुगतान कर दिया गया है। 09 पशुओं की मृत्यु हुई, जिनके लिए अनुग्रह अनुदान की राशि का भुगतान किया गया है।

अंचलाधिकारी ने कहा कि पूर्व के वर्षों का कोई बकाया लंबित नहीं है, दो हजार पॉलिथिन सीट्स की अधियाचना अनुमण्डल पदाधिकारी, बिरौल से की गई है।

अंचलाधिकारी, किरतपुर ने बताया कि उनके यहाँ 250 पॉलिथिन सीट्स उपलब्ध हैं, नाविकों का पूर्व का बकाया लंबित नहीं है। आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर 22 हजार 621 लाभार्थियों का डाटा अपलोड है, जिनमें से 21 हजार 975 लाभार्थियों का आधार सत्यापित है।

उन्होंने कहा कि 149 लाभार्थियों का डाटा सत्यापन के दौरान डिलीट किया गया है। वर्ष 2023 में स्थानीय प्राकृतिक आपदा में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई, जिनके परिजन को अनुग्रह अनुदान राशि का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि किरतपुर में इस वर्ष किसी पशु की मृत्यु नहीं हुई है।

जिलाधिकारी ने बारी-बारी से सभी मुखियाजी तथा घनश्यामपुर एवं किरतपुर के प्रखण्ड प्रमुख से तटबंध के संबंध में जानकारी एवं सुझाव प्राप्त किये।

इसके उपरान्त वे कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, झंझारपुर – 2 के साथ दायाँ कमला-बलान तटबंध का निरीक्षण किये।

रसियारी के समीप पैदल ही तटबंध पर चलकर तटबंध की स्थिति का जायजा लिया। तटबंध पर उड़ती हुई धूल को देखकर कार्यपालक अभियंता को तटबंध पर पानी का छिड़काव करवाने का निर्देश दिए।

साथ ही आकस्मिक स्थिति के लिए बालू का बैग पर्याप्त संख्या में रखने का निर्देश दिया। उन्होंने रेनकट का निरीक्षण करवा लेने का तथा पाये जाने पर उसे दुरुस्त कर लेने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर अनुमण्डल पदाधिकारी, बिरौल संजीव कुमार कापर, आपदा प्रभारी पदाधिकारी-सह-विशेष कार्य पदाधिकारी सत्यम सहाय एवं अन्य पदाधिकारी व अभियंतागण के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

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