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बिहार में रिश्तों का काला बाजार, साला ही बना रंगदारी गैंग का गॉडफादर, पुलिस ने किया जीजा से 20 लाख वसूली की साजिश का खुलासा।

एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने जीजा साला के रिश्ते को भी शर्मसार कर दिया। व्यवसायिक दुश्मनी में एक साला ने अपने ही जीजा से 20 लाख की रंगदारी मंगवाने के लिए शातिर अपराधियों से हाथ मिला लिया। मोतीहारी  पुलिस ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश कर साला और उसके मुजफ्फरपुर निवासी दोस्त को धड़ाधड़ गिरफ्तार कर लिया है।

30 अप्रैल को अरेराज के नामचीन फर्स्ट चॉइस गाड़ी खरीद बिक्री के मालिक अर्जुन पाठक को फोन कर अपराधियों ने 20 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की थी। धमकी भी दी गई थी कि पैसे नहीं दिए तो अंजाम बुरा होगा। मामला गंभीर था, इसलिए अर्जुन पाठक ने अरेराज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई।

वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी ट्रेसिंग के आधार पर अरेराज थाना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने रंगदारी मांगने वाले कॉल्स की परतें खोलनी शुरू कीं। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस भी चौंक गई इस रंगदारी के पीछे कोई बाहरी गिरोह नहीं, बल्कि व्यवसायी का खास साला राहुल तिवारी ही मास्टरमाइंड निकला। उसके साथ उसका साथी मनीष तिवारी (मुजफ्फरपुर) भी पकड़ा गया।

पूछताछ में दोनों ने कुबूला कि उन्होंने व्यवसायिक रंजिश में मोतीहारी के बदनाम अपराधी छोटू राणा और अभिषेक राणा से मिलकर पूरी साजिश रची थी। उन्हीं से जीजा को धमकी दिलवाई गई। हैरानी की बात यह है कि दोनों गिरफ्तार आरोपी भी गाड़ी खरीद-बिक्री के कारोबारी हैं यानी खेल एक ही धंधे में वर्चस्व की लड़ाई का था।

अरेराज थाना अध्यक्ष प्रत्याशा कुमारी दोनों से पूछताछ कर रही हैं और अपराधियों की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी हैं। शहर में चर्चा है कि क्या यही कलयुग है? जहाँ साला अपराधियों से मिलकर अपने ही जीजा की जान–माल पर बोली लगवा रहा है?

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