दरभंगा के केवटी थाने में गोलाबारी मामले में FIR:पीड़ित बोला- हत्या की नीयत से अपराधियों ने की फायरिंग, डर से दीवार के पीछे छिप गया था।
दरभंगा में बुधवार को उत्तर भेड़ियाही गांव में नकाबपोश बदमाशों ने 12 राउंड फायरिंग की। गोलीबारी मुस्लिम बेदारी करवां के राष्ट्रीय अध्यक्ष नजरे आलम के छोटे भाई शमशे आलम उर्फ पप्पू के नवनिर्मित मकान के बाहर हुई। वारदात के बाद सभी हथियार लहराते हुए फरार हो गए।
पीड़ित ने केवटी थाने में आवेदन देकर 5 बदमाशों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कराई है। मेघा निवासी सुनील यादव, श्रवण यादव, राहुल यादव, चतरा निवासी मनीष यादव और बिरला यादव को नामजद अभियुक्त बनाया है।
शमशे आलम ने बताया, ‘बदमाशों ने दोनों भाइयों की हत्या की नीयत से वारदात को अंजाम दिया है। घटना के वक्त घर में रहा था। फायरिंग की आवाज सुनकर दीवार के पीछे छिप गया था। कुछ बदमाश अपरिचित थे, लेकिन चेहरा देखने के बाद पहचान जाऊंगा।
डर से कारोबार तो नहीं छोड़ सकते हैं
बड़े भाई नजरे आलम ने बताया, ‘मैं राजनीतिक व्यक्ति हूं। मेरे भाई ने हाल ही में बस स्टैंड के टेंडर में पार्टनर के रूप में पैसा लगाया है। इससे पहले एयरपोर्ट के पास भी उनके भाई पर हमला हुआ था। उस समय भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। दरभंगा में अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है। अब क्या कारोबार छोड़ दें, दरभंगा छोड़ दें?’
सात-आठ बाइक पर सवार अपराधियों ने हमला किया। पिस्टल और चाकू से लैस अपराधियों ने घर के बाहर और अंदर करीब 10 से 12 राउंड फायरिंग की। मौके से 6- 7 खोखे बरामद हुए हैं। घटना के समय बच्चे स्कूल गए थे, नहीं तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
हर महीने 10 लाख रुपए की डिमांड
नजरे आलम ने आगे कहा, ‘जिस दिन बस स्टैंड का टेंडर हुआ, उसी दिन मेरे गांव के पास एयरपोर्ट चौक पर ग्रामीणों को पिस्टल दिखाकर धमकाया गया। कहा गया कि अगर शमशे आलम दिखा तो अगली बार उसे मार देंगे। अपराधियों ने कहा कि 2 करोड़ में टेंडर किया है तो हर महीने 10 लाख रुपए दो।
मेरे भाई इसी मकान में रहते हैं। हमला उन्हीं पर किया गया। मुझे शक है कि बस स्टैंड के टेंडर को लेकर ही यह हमला हुआ है। अपराधी चिह्नित हैं। वही लोग इलाके में और बस स्टैंड में भी अपराध करते हैं। उन्हें एक बड़े राजनीतिक परिवार का संरक्षण मिला हुआ है।
प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग
नजरे आलम ने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन किसी दबाव में काम कर रहा है? क्या कार्रवाई के लिए दोनों भाइयों की लाश का इंतजार है? उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। कहा कि मेरे भाई और परिवार की जान को खतरा है। अपराधी खुलेआम गोली चला रहे हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही।
