Featured

बिहार : नीतीश कुमार ने बिहारवासियों को दिया तोहफा, इस बीमारी से इलाज के लिए अब नहीं जाना होगा बाहर

नीतीश कुमार ने बिहारवासियों को दिया तोहफा, इस बीमारी से इलाज के लिए अब नहीं जाना होगा बाहर
की ओर से पटना में डेढ़ साल में अस्पताल बनाया जायेगा. इसको लेकर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह और शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया, कोयम्बटूर के प्रबंध निदेशक पद्मश्री डॉ० आर०बी० रमणी ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर एक दूसरे को प्रति सौंपी. यह अस्पताल पटना के कंकड़बाग क्षेत्र में बनेगा. इसके साथ ही पटना में एक विश्व स्तरीय नेत्र अस्पताल के रुप में शंकरा नेत्रालय बनने का रास्ता साफ हो गया.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार की सुबह -सुबह बिहार के लोगों को एक बड़ी सौगात दी है. सीएम के इस पहल के बाद अब बिहार के लोगों को अपने आंख का ऑपरेशन करवाने के लिए बिहार से बाहर जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी.

दरअसल, सीएम नीतीश कुमार की मौजूदगी में आज शंकरा नेत्रालय के साथ बिहार सरकार की ओर से एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया. इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ कई मंत्री और कई अधिकारी मौजूद थे.

शंकर नेत्रालय की ओर से पटना में डेढ़ साल में अस्पताल बनाया जायेगा. इसको लेकर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह और शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया, कोयम्बटूर के प्रबंध निदेशक पद्मश्री डॉ० आर०बी० रमणी ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर एक दूसरे को प्रति सौंपी. यह अस्पताल पटना के कंकड़बाग क्षेत्र में बनेगा. इसके साथ ही पटना में एक विश्व स्तरीय नेत्र अस्पताल के रुप में शंकरा नेत्रालय बनने का रास्ता साफ हो गया.

बिहार सरकार शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया, कोयम्बटूर को अतिविशिष्ट नेत्र अस्पताल बनाने के लिये पटना के कंकड़बाग में 1.60 एकड़ जमीन 1 रूपये के टोकन राशि पर सशर्त लीज पर दिया है. इसको कैबिनेट ने 3 दिसम्बर 2024 को अपनी स्वीकृति प्रदान की थी.

शंकरा आई फाउण्डेशन इंडिया आंख के इलाज के लिये एक अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अस्पताल है. जो कि अपने खर्च पर इस भूमि पर अस्पताल का निर्माण एवं संचालन करेगा. इसमें आंख के सामान्य इलाज के साथ-साथ कॉर्नियोप्लास्टी, रेटिना डिटैचमेंट एवं आंख के कैंसर जैसी जटिल बीमारियों का भी इलाज हो सकेगा. इस संबंध में 75 प्रतिशत मरीजों का इलाज मुफ्त तथा 25 प्रतिशत का सशुल्क होगा. ढाई लाख रूपये प्रति वर्ष से कम आयवाले परिवार निःशुल्क चिकित्सा पा सकेंगे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *