लनामिवि, दरभंगा के एनएसएस कोषांग के तत्वावधान में आयोजित समस्तीपुर जिला के 200 स्वयंसेवकों का ‘युवा आपदा मित्र’ आवासीय प्रशिक्षण संपन्न

लिखित परीक्षा एवं ओवरऑल प्रदर्शन के आधार पर श्रेष्ठ स्वयंसेवकों में डेविड कुमार-प्रथम, प्रियांशु कुमारी-द्वितीय तथा विशाल गौरव ने पाया तृतीय स्थान

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी के आदेश से राष्ट्रीय सेवा योजना कोषांग के तत्त्वावधान में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना के सौजन्य से विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित सात दिवसीय आवासीय “युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण” शिविर संपन्न हुआ।

समारोह का प्रारंभ राष्ट्रगीत एवं एनएसएस लक्ष्य-गीत से हुआ। मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो पुनीता झा की अध्यक्षता में आयोजित समापन समारोह में ललित कला संकायाध्यक्ष प्रो लावण्य कीर्ति सिंह ‘काव्या’- मुख्य अतिथि, हवलदार कृष्ण नन्दन सिंह- मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया, जबकि प्रशिक्षण-संयोजक डॉ आर एन चौरसिया ने शिविर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम समन्वयक-द्वितीय डॉ शबनम कुमारी ने स्वागत संबोधन, डॉ युगेश्वर साह ने धन्यवाद ज्ञापन तथा वरीय स्वयंसेवक अक्षय कुमार झा ने संचालन किया। लिखित परीक्षा एवं ओवर ऑल प्रदर्शन के आधार पर 20 सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवकों का चयन किया गया,

जिनमें डीबीकेएन कॉलेज, नरहन के डेविड कुमार-प्रथम, यूआर कॉलेज, रोसरा की प्रियांशु कुमारी-द्वितीय तथा आरएनएआर कॉलेज, समस्तीपुर के विशाल गौरव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं टॉप 20 में क्रमशः कन्हैया कुमार गुप्ता, सिमरन कुमारी, विपुल कुमार पोद्दार, डोली कुमारी, शिवम कुमार झा, स्नेहा कुमारी, नमिता राय, शिवम कुमार, सोनी कुमारी, शांभवी कुमारी, विशाखा कुमारी, दिव्या अमन सिंह, गीतांजलि शर्मा, अभिषेक कुमार गुप्ता, प्रगति कुमारी, पल्लवी कुमारी तथा लक्ष्मी कुमारी ने अपना स्थान प्राप्त किया, जिन्हें अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र तथा मोमेंटो से सम्मानित किया गया। शिविर में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र, शैक्षणिक किट एवं 17 सामानों से युक्त आपदा किट प्रदान किया गया।

इस अवसर पर डॉ प्रेम कुमारी, डॉ अनुपम प्रिया, डॉ सुनीता कुमारी, डॉ योगेश्वर साह, डॉ लक्ष्मी प्रसाद यादव, डॉ सोनू राम शंकर, डॉ उदय कुमार, डॉ कामेश्वर पासवान, मनीष राज आदि ने सक्रिय सहयोग किया। अतिथियों एवं प्रशिक्षकों का स्वागत पाग, चादर एवं मोमेंटो से किया गया।
आज प्रातः काल में वैभव झा ने सभी स्वयंसेवकों को पीटी, योगाभ्यास एवं प्राणायाम कराया। तत्पश्चात स्वयंसेवकों को मुकेश कुमार झा, मणिकांत ठाकुर तथा अक्षय कुमार झा के नेतृत्व में मिथिला विश्वविद्यालय एवं संस्कृत विश्वविद्यालय का भौतिक रूप से दर्शन कराया गया। अगले सत्र में हवलदार कृष्ण नंदन सिंह द्वारा आपदा किट में मौजूद 17 उपयोगी सामानों की विस्तृत जानकारी एवं उपयोग के तरीके विस्तार से बताएं।
प्रो पुनीता झा ने कहा कि मानव होने के नाते हम दूसरों की भी मदद करते हैं, यही हमारी संस्कृति है। आपदा प्रशिक्षण के बाद स्वयंसेवक गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन के रूप में तैयार हुए हैं। ये युवा आपदा मित्र बनकर समाज में जरुर सकारात्मक आपदा बचाव कार्य करेंगे। डॉ लावण्य कीर्ति सिंह ‘काव्या’ ने अनेक प्रेरक गीत गाकर संदेश देते हुए कहा कि ये स्वयंसेवक सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें आपदा प्रशिक्षण दिया गया। अनेक सरकारी योजनाएं चलती हैं, परंतु आपदा के प्रति हम लोगों को पूर्ण जानकारी एवं सतर्क होना अनिवार्य है। संगीत में जागरूकता लाने तथा मानवीय भावनाओं को जाग्रत कर लोगों को संगठित करने की शक्ति होती है। कहा कि आत्मविश्वास एवं आत्मिक शक्ति से हम आपदाओं को कमजोर कर सकते हैं। हवलदार कृष्ण नंदन सिंह ने कहा कि भारत युवाओं का देश है। प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वयंसेवक युवा आपदा मित्र बनकर समाज को आपदाओं से जरुर राहत दिलाएंगे। कहा कि प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों ने जो पसीना बहाया है, उससे आपदा के दौरान लोगों का खून बहाने से रोका जा सकेगा। डॉ चौरसिया ने बताया कि अगला शिविर आगामी 1 सितंबर से दरभंगा जिला का होगा, जिसमें विभिन्न कॉलेजों के 200 स्वयंसेवक भाग लेंगे। कहा कि अब तक मधुबनी एवं समस्तीपुर के प्रशिक्षित 400 स्वयंसेवक तथा आगे प्रशिक्षित होने वाले 400 अन्य स्वयंसेवक आपदा के समय धैर्य पूर्वक बचाव के उपाय को योजना बद्ध एवं वैज्ञानिक रूप से कर सकेंगे। समापन समारोह में प्रशिक्षक, प्रशिक्षु एवं आयोजक काफी भावुक हो गए।समारोह का समापन राष्ट्रगान से हुआ।
