विश्वविद्यालय अर्थशास्त्र विभाग में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम एवं सेबी निवेशक जागरूकता परीक्षा का सफल आयोजन
दरभंगा, 22 जुलाई, 2026

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के विश्वविद्यालय अर्थशास्त्र विभाग में भारतीय म्यूचुअल फंड संघ (AMFI) एवं भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM), बोधगया के संयुक्त तत्त्वावधान में “वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम एवं सेबी निवेशक जागरूकता परीक्षा” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों में वित्तीय प्रबंधन, बचत, निवेश, बजट निर्माण, डिजिटल भुगतान, म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार, जोखिम एवं प्रतिफल, निवेशकों के अधिकार तथा सुरक्षित निवेश के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। कार्यक्रम के रिसोर्स पर्सन बृज भूषण सिंह (भारतीय प्रबंध संस्थान, बोधगया) ने वित्तीय साक्षरता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में प्रत्येक व्यक्ति के लिए वित्तीय रूप से जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को आय, बचत और निवेश के बीच संतुलन बनाए रखने, नियमित एवं दीर्घकालिक निवेश की आदत विकसित करने तथा वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप निवेश करने की सलाह दी। उन्होंने शेयर बाजार एवं म्यूचुअल फंड के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए बताया कि शेयर बाजार में निवेश अपेक्षाकृत अधिक जोखिमपूर्ण होता है, जबकि म्यूचुअल फंड में विशेषज्ञ फंड प्रबंधकों द्वारा विभिन्न प्रतिभूतियों में निवेश किए जाने के कारण जोखिम का विविधीकरण होता है। उन्होंने एसआईपी के माध्यम से नियमित निवेश के लाभों की जानकारी दी। अपने व्याख्यान में उन्होंने निवेशकों को अनधिकृत शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, पोंजी (Ponzi) योजनाओं, अवास्तविक एवं अत्यधिक रिटर्न का लालच देने वाली निवेश योजनाओं तथा साइबर एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि निवेश से पूर्व संस्था की प्रामाणिकता की जाँच करना, केवल सेबी (SEBI) से पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से निवेश करना तथा किसी भी निवेश योजना के जोखिम एवं शर्तों को भली-भांति समझना आवश्यक है।


कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित सेबी निवेशक जागरूकता परीक्षा (SEBI Investor Awareness Test) में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। परीक्षा में सफल प्रतिभागियों को सेबी द्वारा प्रमाण-पत्र (Certificate) प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो विजय कुमार यादव ने कहा कि वर्तमान समय में वित्तीय साक्षरता प्रत्येक नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक है। सही वित्तीय निर्णय न केवल व्यक्तिगत आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि देश की समग्र आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।


उन्होंने युवाओं, विशेषकर विद्यार्थियों को प्रारंभिक अवस्था से ही वित्तीय अनुशासन एवं निवेश संबंधी ज्ञान प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की सराहना की। सेबी द्वारा ऑनलाइन ली गई परीक्षा में सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ शीला यादव, सहायक प्राध्यापक, विश्वविद्यालय अर्थशास्त्र विभाग द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ मसरूर आलम ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डॉ नवीन कुमार, डॉ प्राणतरति भंजन, शोधार्थी तथा स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
