बिहार में बच्चों के झगड़े में कारोबारी की लाठी-डंडे से पीट कर हत्या, पुलिस पर भी संगीन इल्जाम।
पश्चिम चंपारण जिले में बैरिया के बलुआ रमपुरवा मलाही टोला वार्ड संख्या- 6 में बदमाशों ने मारपीट कर सब्जी बिक्रेता हजारी साह (45) की हत्या कर दी। वहीं हजारी को बचाने पहुंचे उनके भतीजे आयुष कुमार को हाथ में चाकू मार जख्मी कर दिया। घटना मंगलवार की रात नौ बजे की है। परिजनों का आरोप है कि पूर्व में हुई मारपीट की घटना के प्रतिशोध में इस घटना को अंजाम दिया गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने बताया कि हजारी साह की हत्या में शामिल एक आरोपी को बैरिया पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया हैं। एसडीपीओ-2 रजनीशकांत प्रियदर्शी के नेतृत्व में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम छापेमारी कर रही है।
एसएसपी ने यह भी कहा कि पूर्व में दर्ज एफआईआर में लापरवाही बरतने के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में अगर लापरवाही का मामला सत्य पाया जाएगा तो संबंधित पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की जाएगी। मृतक हजारी साह के छोटे भाई साहेब साह ने बताया कि रात नौ बजे हजारी घर से दरवाजे से बाहर निकले थे। उसी दौरान बैजनाथ साह, नंदकिशोर साह, मुन्ना साह समेत अन्य लोगों ने लाठी व रॉड से उनपर हमला बोल दिया।
हजारी साह के चिल्लाने की आवाज पर उनके भतीजा आयुष कुमार मौके पर पहुंचे तो हमलावरों ने उनपर भी चाकू से वार किया। जिससे उनकी हथेली पर जख्म हो गया। हमलावर हजारी साह की हत्या कर फरार हो गए। उसके बाद बैरिया थाना को लोगों ने घटना की सूचना दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और परिजनों का बयान दर्ज करने के बाद दो चौकीदारों को गांव में तैनात कर चली गयी।
पूर्व में हजारी साह ने दर्ज करायी थी 24 पर एफआईआर :
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बलुआ रमपुरवा मलाही टोला वार्ड नं. 6 निवासी हजारी साह के शव का पोस्टमार्टम कराने पहुंचे उनके भाई साहब साह ने बताया कि हत्या का कारण पूर्व में बच्चों के बीच हुए विवाद को लेकर मारपीट के मामले से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि हजारी साह ने इस मामले में एक अक्टूबर को बैरिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसकी जांच दारोगा हरेन्द्र कुमार कर रहे थे। एफआईआर में 24 लोगों को नामजद किया गया था। जिसमें हत्या कांड में शामिल बैद्यनाथ साह भी अभियुक्त था।
इस केस के दर्ज होने के बाद से आरोपी बार-बार धमकी दे रहे थे। जिसकी सूचना बैरिया पुलिस को दी गयी थी। सूचना के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी। एफआईआर के 55 दिन बीतने के बाद भी एक भी अभियुक्त नहीं पकड़ा गया था। जिसके चलते नामजद आरोपियों का मनोबल बढ़ गया था और उनलोगों ने साजिश रचकर मंगलवार की रात हजारी साह की हत्या कर दी। एफआईआर में हजारी साह ने बताया था कि वे शौच करके लौट रहे थे तो हरिलाल साह, बैद्यनाथ साह समेत अन्य ने उन्हें घेर लिया। वे किसी प्रकार से अपना शरीर छुड़ाकर वहां से भागते हुए अपने दरवाजे पहुंचे तो हमलावर वहां पहुंचे और उनके साथ-साथ उनकी गर्भवती पुतोहू को भी मारा-पीटा गया।
पांच बच्चों के सिर से उठा पिता का साया :
हजारी साह की हत्या से उनके पांच बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। हजारी साह मलाही नहर चौक पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। उनकी हत्या के बाद से पत्नी रेणु देवी, पुत्री मनीषा, अमृता, पुत्र रामू कुमार, धामू कुमार तथा राजन कुमार का रोकर बुरा हाल है। हजारी की हत्या की खबर सुनते ही उनके रिश्तेदार व शुभचिंतकों की भीड़ गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच गयी थी।
