Featuredदरभंगा

चंद स्वार्थ के कारण मां कहलाने वाली भाभी ने कर दी देवर की हत्या।

देवर और भाभी के रिश्ते को बेहद ही पवित्र रिश्ता माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भाभी को ‘भाभी मां’ की भी संज्ञा दी गई है लेकिन चंद स्वार्थ के कारण मां कहलाने वाली भाभी भी कभी हत्यारी बन जाती है. ऐसा ही एक वाकया बिहार की राजधानी पटना से सामने आया है, जहां भाभी ने अपने तीन सहयोगियों के साथ साजिश रच कर पहले देवर को अपने पास बुलाया और मौत के घाट उतार दिया.

कत्ल के बाद शव को तीन किलोमीटर दूर ठिकाने लगा दिया गया लेकिन हत्यारी भाभी कानून के हाथों से नहीं बच पाई. दरअसल पटना सिटी के आलमगंज थाना पुलिस ने 9 फरवरी की सुबह बेलवरगंज इलाके से शव बरामद किया. इसके बाद पुलिस शव को अज्ञात मानकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और जांच में जुट गई थी.

भाभी बनी देवर की कातिल

पुलिस की जांच के दौरान मृतक की पहचान मालसलामी थाना क्षेत्र के सन्नी कुमार के रूप में की गई. पुलिस ने डॉग स्क्वायड और तकनीकी अनुसंधान के जरिए 24 घंटे के अंदर कातिल तक पहुंच गई. इस हत्याकांड में कातिल कोई और नहीं बल्कि सन्नी का भाभी रानी कुमारी को शामिल होने की बात सामने आई. पुलिस ने कातिल भाभी रानी को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि उसके इस हत्याकांड में तीन और लोग शामिल हैं.

मर्डर केस में तीन और गिरफ्तार

पुलिस ने हत्याकांड में शामिल आरोपियों सुक्कू कुमार, सिपाही कुमार और दीपू कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया. पूरे मामले की जानकारी देते हुए पटना सिटी एएसपी शरथ आर एस ने बताया कि शव मिलने के बाद यह पूरा मामला अज्ञात था, लेकिन अनुसंधान के क्रम में पाया गया कि इस हत्याकांड को अंजाम देने वाला मास्टरमाइंड मृतक की भाभी रानी कुमारी है, जो पहले सन्नी को अपने घर पर बुलाया और उसके बाद अपने तीन सहयोगियों के साथ गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और फिर शव को बेलवर गंज में जाकर फेंक दिया.

एएसपी ने कहा कि रानी कुमारी ने पूछताछ के दौरान बताया कि सन्नी और अविनाश दो भाई हैं. दोनों भाई में बंटवारा हो चुका था लेकिन अविनाश की पत्नी रानी कुमारी की नजर सन्नी के मकान पर थी. वह पहले से सन्नी के मकान पर दावा कर रही थी, जिसका मामला कोर्ट में भी चल रहा था. लेकिन कोर्ट में देर हो रही थी और सन्नी के मकान को कब्जा करने के लिए रानी व्याकुल थी, इस कारण सन्नी की हत्या करने की साजिश रची. उसने सबसे पहले अपने करीबी मित्र सिपाही कुमार को बुलाया और सिपाही कुमार ने अपने दोस्त सुक्कू और दीपू को इसका घटना में शामिल किया. चारों ने मिलकर पहले सन्नी की हत्या की और फिर उसके बाद शव को ठिकाने लगा दिया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *