खाद बिक्री एवं आवेदन प्रणाली (FSAS) को आसान बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू

ओटीपी एवं क्यूआर कोड के माध्यम से होगी उर्वरक की पारदर्शी एवं सुविधाजनक बिक्री
दरभंगा में 1.62 लाख से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण
कृषि विभाग, बिहार सरकार द्वारा राज्य में उर्वरक वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल, सुव्यवस्थित एवं किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से खाद बिक्री एवं आवेदन प्रणाली (Fertilizer Sale and Application System-FSAS) के अंतर्गत Framework for Fertilizer Sale (FFS) व्यवस्था लागू की गई है।

नई व्यवस्था के तहत किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे तथा बुकिंग पूर्ण होने के बाद प्राप्त QR Code/Token के माध्यम से निर्धारित दर पर उर्वरक का उठाव कर सकेंगे।
इस डिजिटल व्यवस्था से उर्वरक की मांग, बुकिंग एवं वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी तथा किसानों को अनावश्यक भाग-दौड़, लंबी कतार एवं बिचौलियों से राहत मिलेगी।
फार्मर आईडी एवं ओटीपी से आसान होगा पंजीकरण और लॉगिन

नई व्यवस्था के तहत फार्मर आईडी धारक किसान अपनी फार्मर आईडी एवं मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से एग्रीस्टैक (AgriStack) से जुड़े अपने सर्वे/खेसरा नंबर के आधार पर लॉगिन कर सकेंगे।
वहीं, जिन किसानों की अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनी है, वे आधार नंबर एवं OTP/Face Authentication के माध्यम से भी प्रणाली में लॉगिन कर सकेंगे। इसमें अपनी भूमि पर खेती करने वाले रैयत किसान, पूर्वजों की जमाबंदी के वैध वारिस, नई भूमि पर खेती करने वाले किसान तथा गैर-रैयत बटाईदार एवं अन्य भूमि पर खेती करने वाले किसान भी शामिल हैं।
FFS प्रणाली के माध्यम से किसान अपने संबंधित खेसरा एवं फसल का चयन कर सकेंगे। इसके बाद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की सामान्य अनुशंसा के अनुरूप संबंधित फसल के लिए आवश्यक उर्वरक की मात्रा प्रणाली पर प्रदर्शित होगी।
किसान प्रदर्शित अनुशंसित मात्रा के अनुसार उर्वरक का चयन कर सकते हैं तथा अपनी आवश्यकता के अनुरूप मात्रा का चयन भी कर सकेंगे।

उर्वरक की बुकिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसान को ऐप के माध्यम से QR Code/Token जारी किया जाएगा। यह QR Code/Token तीन दिनों अर्थात 72 घंटे तक वैध रहेगा।
निर्धारित अवधि के भीतर यदि किसान द्वारा उर्वरक का उठाव नहीं किया जाता है, तो जारी किया गया QR Code/Token स्वतः निरस्त हो जाएगा। ऐसी स्थिति में किसान को पुनः बुकिंग कर नया QR Code जनरेट करना होगा।
सभी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को अपनी POS मशीन अपडेट करने का निर्देश दिया गया है। किसान बुकिंग के बाद जारी QR Code लेकर संबंधित अधिकृत खुदरा विक्रेता के पास जाएंगे।
विक्रेता द्वारा POS मशीन के माध्यम से QR Code स्कैन किए जाने के बाद किसान निर्धारित दर पर उर्वरक का उठाव कर सकेंगे।
इससे उर्वरक की बिक्री एवं वितरण प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा तथा निर्धारित दर एवं मात्रा के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
किसान स्वयं FFS App के माध्यम से उर्वरक की बुकिंग कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसानों की सुविधा के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)/वसुधा केंद्र, FPO, PACS, SHG, कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार के माध्यम से भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
किसानों को डिजिटल प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
उर्वरक बुकिंग, वितरण अथवा अन्य किसी प्रकार की समस्या या विवाद के निवारण के लिए पंचायत स्तर से जिला स्तर तक समयबद्ध शिकायत निवारण व्यवस्था विकसित की गई है। प्राप्त शिकायतों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत लगभग 2 से 7 कार्य दिवस के भीतर समाधान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।
कृषि विभाग द्वारा संचालित एग्रीस्टैक परियोजना के तहत उर्वरक की पारदर्शी बिक्री, समय पर उपलब्धता तथा किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फार्मर आईडी (Farmer Registry) बनवाना आवश्यक किया गया है।
दरभंगा जिले में अब तक कुल 1,62,853 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जा चुकी है। फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों की कृषि संबंधी जानकारी डिजिटल रूप से व्यवस्थित होने के साथ ही मांग आधारित उर्वरक एवं अन्य कृषि सुविधाओं की उपलब्धता को अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
प्रखंडवार फार्मर रजिस्ट्री की स्थिति:-
दरभंगा जिले के विभिन्न प्रखंडों में फार्मर रजिस्ट्री के तहत अब तक निम्न संख्या में किसानों की फार्मर आईडी निर्गत की गई है—
केवटी – 11,731,
सिंहवाड़ा – 12,583,
दरभंगा – 12,555,
मनीगाछी – 9,114,
बहादुरपुर – 10,473,
हायाघाट – 6,819,
अलीनगर – 7,871,
कुशेश्वरस्थान पूर्वी – 6,955,
कुशेश्वरस्थान – 9,079,
बेनीपुर – 9,947,
किरतपुर – 4,528,
तारडीह – 5,761,
जाले – 9,447,
घनश्यामपुर – 6,375,
हनुमाननगर – 6,500,
गौड़ाबौराम – 6,769
बहेड़ी – 14,502,
बिरौल – 11,844
इस प्रकार जिले में अब तक 1,62,853 किसान फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं।
किसानों से अपील की गई है कि जिन्होंने अभी तक अपनी फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है, वे अपने निकटतम CSC/वसुधा केंद्र, किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, FPO अथवा PACS के माध्यम से अपना पंजीकरण अवश्य कराएं। इसके लिए किसान को आधार कार्ड एवं भूमि संबंधी आवश्यक विवरण/दावा उपलब्ध कराना होगा, जिसके आधार पर e-KYC एवं फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
FSAS एवं Farmer Registry के माध्यम से लागू की गई यह डिजिटल व्यवस्था केवल उर्वरक वितरण को सरल बनाने की पहल नहीं है, बल्कि किसानों को पारदर्शी, त्वरित, समान एवं निर्बाध कृषि सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

डिजिटल बुकिंग, OTP प्रमाणीकरण, QR Code आधारित उठाव एवं POS मशीन के माध्यम से बिक्री से उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
