टीबी मुक्त भारत अभियान एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण को मिशन मोड में तेज करने के लिए जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण स्क्रीनिंग, समयबद्ध जांच एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने के दिए निर्देश

दरभंगा, 25 जुलाई 2026:-
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान को मिशन मोड में सफल बनाने तथा आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण में तेजी लाने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी दरभंगा श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में कार्यालय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी स्वास्थ्य पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि टीबी उन्मूलन अभियान एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मिशन मोड में संचालित किया जाए तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की प्रत्येक टीम पूरी सक्रियता एवं समन्वय के साथ कार्य करे, ताकि जिले में टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को समयबद्ध रूप से प्राप्त किया जा सके।समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रतिदिन 20,000 लोगों की गुणवत्तापूर्ण स्क्रीनिंग, एक्स-रे तथा आवश्यकतानुसार सीबीएनएएटी (CBNAAT) जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी जांचों एवं अभियान की दैनिक प्रगति को समय पर निक्षय पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा, जिससे अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल स्क्रीनिंग की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक स्क्रीनिंग गुणवत्तापूर्ण, वैज्ञानिक एवं प्रभावी होनी चाहिए, ताकि संभावित टीबी मरीजों की सही पहचान कर समय पर उनका उपचार प्रारंभ कराया जा सके।

बैठक में जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित पदाधिकारियों को पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड शीघ्रता से बनवाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र परिवार आयुष्मान योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए तथा अभियान को विशेष गति प्रदान की जाए।
जिलाधिकारी ने (एनसीडीओ) को अभियान की सतत निगरानी एवं समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि वे नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें, क्षेत्र भ्रमण करें तथा आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य टीमों का मार्गदर्शन करते रहें। उन्होंने स्क्रीनिंग की गति बढ़ाने तथा अभियान को पूरी गंभीरता के साथ मिशन मोड में संचालित करने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) टीम को निर्देश दिया कि महादलित टोलों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर घर-घर स्क्रीनिंग की जाए तथा संभावित टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें आवश्यक जांच एवं उपचार से जोड़ा जाए।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार,(एनसीडीओ) श्री सत्येंद्र प्रसाद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य), एस डी आर रवि कुमार एवं सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
