Wednesday, September 9, 2026
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सहरसा के राजकीय कन्या विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का अभाव:1000 छात्राएं बाउंड्री, भवन और कक्षाओं की कमी से परेशान।

सहरसा का राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, पूरब बाजार, जो बिहार के 20 प्रमुख राजकीय कन्या विद्यालयों में से एक है, आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। 1994 में स्थापित होने के तीन दशक बाद भी विद्यालय में न तो बाउंड्री है और न ही स्थायी भवन।
लगभग 1000 छात्राएं प्रतिदिन असुरक्षा और अव्यवस्था के माहौल में शिक्षा प्राप्त करने को मजबूर हैं। नौवीं कक्षा की छात्रा शिवानी कुमारी ने बताया कि बाउंड्री न होने के कारण आवारा जानवर सीधे मैदान और कक्षाओं तक पहुंच जाते हैं। इससे पढ़ाई में बाधा आती है और खेल के दौरान भी छात्राओं में डर बना रहता है। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार बाहरी युवक मैदान में बैठ जाते हैं, जिससे छात्राओं को असुरक्षित महसूस होता है। स्कूल का हाल बेहाल।
स्कूल का हाल बेहाल। बारहवीं तक की क्लास चलती है विद्यालय में नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं, लेकिन भवन के अभाव में केवल दो कमरे ही उपलब्ध हैं। छात्रा रेशम कुमारी के अनुसार, कक्षाओं की कमी के कारण नौवीं और दसवीं की पढ़ाई एक साथ चलती है। अत्यधिक भीड़ के कारण कई छात्राओं को बैठने की जगह भी नहीं मिल पाती, जिससे उनकी पढ़ाई लगातार बाधित होती है। छात्रा फैनाज प्रवीण ने बताया कि छतों में बड़े-बड़े छेद होने के कारण बारिश का पानी सीधे कक्षाओं में गिरता है।
अस्थायी रूप से मिट्टी डालकर सुधार का प्रयास किया जाता है, लेकिन बारिश के मौसम में कक्षाएं लेना मुश्किल हो जाता है। इसके अतिरिक्त, दोपहर के भोजन के बाद पानी की कमी भी छात्राओं के लिए एक बड़ी समस्या है। भवन निर्माण के लिए बजट स्वीकृत नहीं प्रभारी प्राचार्य रामाशीष ने जानकारी दी कि विद्यालय की स्थापना 1994 में तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. शंकर प्रसाद टेकरीवाल के प्रयासों से हुई थी। हालांकि, आज तक भवन निर्माण के लिए बजट स्वीकृत नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा स्कूल के लिए जमीन आवंटित होने के बावजूद निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। विद्यालय परिसर की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए छात्राओं, अभिभावकों और प्रबंधन ने सरकार तथा जनप्रतिनिधियों से तत्काल बाउंड्री निर्माण, नए भवन, पर्याप्त कक्षाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं की मांग की है।

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