बिहार राजस्व विभाग की बड़ी कार्रवाई, 110 संविदा कर्मियों को किया बर्खास्त।
पटना:बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सोमवार को बड़ा कदम उठाते हुए 110 संविदा कर्मियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी. इन पर आरोप है कि इन्होंने हड़ताल भड़काई, सरकारी कार्यों में बाधा डाली और राजस्व महाअभियान को प्रभावित करने की कोशिश की है. विभाग ने जिन कर्मियों की सेवा समाप्त की है, उनमें विशेष सर्वेक्षण अमीन, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी और विशेष सर्वेक्षण लिपिक शामिल हैं.
11000 संविदा कर्मियों का हरड़ताल: विभाग के अनुसार, हड़ताल में शामिल सभी कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी. विभाग का कहना है कि संविदा शर्तों के उल्लंघन के कारण इनकी सेवा समाप्त की गई है. आदेश निदेशक, विशेष सर्वेक्षण निदेशालय, पटना द्वारा जारी किया गया है. गौरतलब है कि विभाग के लगभग 11000 संविदा कर्मी बीते 10 दिनों से हड़ताल पर है और उनकी मांग है कि उन्हें 60 वर्ष की उम्र तक के लिए नौकरी का स्थायित्व दिया जाए.
संघ के पदाधिकारियों पर सीधी कार्रवाई: विभाग ने हड़ताल में प्रमुख भूमिका निभाने वाले कथित संघ के पदाधिकारियों को भी निशाने पर लिया है. विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि संघ के अध्यक्ष रोशन आरा ने 16 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया था. वहीं संघ के सचिव विपिन कुमार भी उसी दिन अपने दायित्व का निर्वहन छोड़कर हड़ताल पर चले गए. विभाग का कहना है कि यह आचरण अनुशासनहीनता और सरकारी आदेशों की अवहेलना की श्रेणी में आता है. इन दोनों की सेवा समाप्त करने का निर्देश विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की ओर से जारी किया गया है.
संविदा शर्तों का उल्लंघन: विभाग का कहना है कि संविदा पर नियुक्त सभी कर्मियों को यह स्पष्ट शर्त दी गई थी कि वे किसी भी परिस्थिति में हड़ताल या आंदोलन में शामिल नहीं होंगे. इसके बावजूद कुछ कर्मियों ने न केवल हड़ताल का समर्थन किया बल्कि सक्रिय रूप से सरकारी कार्यों को प्रभावित करने की कोशिश की. यही वजह रही कि विभाग को कठोर निर्णय लेना पड़ा. विभाग हड़ताल पर डटे हुए 11000 कर्मियों को भी नौकरी से निकलने की तैयारी कर रहा है और एक-एक कर सभी कर्मियों को विभाग की ओर से पहले नोटिस जा रहा है.
राजस्व महाअभियान पर असर: बहरहाल राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग फिलहाल राज्यभर में विशेष सर्वेक्षण और राजस्व महाअभियान चला रहा है. यह अभियान आम लोगों की जमीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान और रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विभाग का मानना है कि हड़ताल से इस अभियान की गति प्रभावित हो रही थी, जिसके चलते आम जनता को भी परेशानी हो रही थी.
हड़ताल और अनुशासनहीनता का आरोप
भविष्य में भी होगी कार्रवाई:विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि हड़ताल में शामिल किसी भी संविदा कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा. अनुशासनहीनता और आदेश उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे. विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यक्रमों में बाधा डालना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. राजस्व विभाग की इस कार्रवाई ने संविदा कर्मियों में हलचल मचा दी है. 110 लोगों की सेवा समाप्त किए जाने से एक बड़ा संदेश गया है कि सरकार अब संविदा कर्मियों की हड़ताल और अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.
