Featured

खगड़िया : सामुदायिक किचन शुरू नहीं होने से प्रशासन के प्रति बढ़ता जा रहा आक्रोश

गंगा की जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि से जिले के परबत्ता प्रखंड सहित विभिन्न प्रखंडों के कई गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. परबत्ता के आधा दर्जन पंचायत के दर्जनों वार्ड के सैकड़ों घर जलमग्न है. माधवपुर, मुरादपुर, बिष्णुपुर, जागृति टोला, शर्मा टोला नयागांव, डुमरिया खुर्द, कजज्लवन, शर्मा टोला तेमथा करारी, छोटी लगार, बिशौनी, सलारपुर, डयोढी भरतखंड, कोरचक्का, विकास नगर भरतखंड‌ गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. बाढ़ प्रभावित गांव की सड़कें डूब चुकी है. जिससे आवागमन भी प्रभावित है. कुछ बाढ़ पीड़ित अपने छत पर अस्थाई आशियाना बनाकर रह रहे हैं. जबकि मवेशी को गोगरी-नारायणपुर बांध पर रखा गया है. बाढ़ के पानी के बीच पशुपालक अपने पशुओं के चारा को लेकर चिंतित है. शर्मा टोला तेमथा करारी के बाढ़ पीड़ित बांध पर आशियाना बनाने लगे हैं. बाढ पीड़ितों को कई समस्या से जुझना पड़ रहा है. उधर लगभग डेढ दर्जन विद्यालयों में पढाई ठप हो चुका है. इधर जोरावरपुर पंचायत के कजज्लवन गांव स्थित रिंग बांध के नीचे से रिसाव जारी है. जिससे रिंग बांध के अंदर बसे लोग सहमें हुए हैं और लोग अपना घर छोड़कर गोगरी-नारायणपुर बांध पर शरण लेने लगे हैं. राजकीयकृत जगन्नाथ राम इंटर उच्च विद्यालय सलारपुर, दुरन सिंह उच्चरतर माध्यमिक विद्यालय माधवपुर का मैदान जलमग्न हो चुका है. उपर से चिलचिलाती धूप के बीच बाढ़ का पानी ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है. हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर सलारपुर में भी पानी प्रवेश कर चुका है. सलारपुर पिकेट में पानी प्रवेश करने से पुलिस बल को फिलहाल सार्वजनिक गोहन दास त्रिवेणी पुस्तकालय कुल्हडिया में जगह दिया गया है. डुमरिया खुर्द गांव निवास रामबालक राय घोड़ी को दियारा से सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे थे. इस दौरान डूबने से उनकी मौत की खबर है. माधवपुर पंचायत के मुख्य सड़क पर पानी का तेज बहाव होने से बाढ़ पीड़ित सुरक्षित स्थान पर किसी तरह पहुंच पा रहे हैं. इसी क्रम में बैलगाड़ी समेत एक किसान के पानी में बह जाने की बातें सामने आई. लेकिन मुखिया आशुतोष कुमार सिंह के तत्परता से किसान एवं बैल को सुरक्षित पानी से निकाल लिया गया है. कबेला पंचायत के मुखिया बालकृष्ण शर्मा बाढ़ प्रभावित जागृति टोला डुमरिया खुर्द में तैरकर बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंच रहे तथा हर संभव मदद का भरोसा दिया जा रहा है. तेमथा शर्मा टोला, छोटी लगार, विकास नगर भरतखंड, कौरचक्का के बाढ़ पीड़ित उंचे स्थान पर शरण लिए हैं. इधर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा सामुदायिक किचन शुरू नहीं किए जाने पर बाढ़ प्रभावित पंचायत के मुखिया एवं बाढ पीड़ितों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. माधवपुर पंचायत में मुखिया अपने स्तर से दो नाव की व्यवस्था किया है. लगार पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मनोज यादव एवं जिला परिषद सदस्य जयप्रकाश यादव, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि सौरभ कुमार बाढ़ पीड़ितों से मिलकर मदद का भरोसा दिया है. गोगरी अनुमंडल पदाधिकारी सुनंदा कुमारी ने बताया है कि बाढ़ पीड़ितों के बीच पॉलिथीन वितरण का कार्य शुरू हो गया है. साथ ही पीएचडी विभाग द्वारा चापाकल एवं शौचालय की व्यवस्था की जा रही है. सामुदायिक किचन को लेकर वरीय पदाधिकारी के बीच वार्तालाप चल रही है. जिसे निर्देश मिलते ही प्रारंभ कर दिया जाएगा. फिलहाल पूर्णतः बाढ़ पीड़ित विस्थापित नहीं हुए हैं. विस्थापित के बीच सामुदायिक किचन प्रारंभ किया जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था के तहत बाढ़ पीड़ित को हर संभव मदद की जाएगी. एसडीओ एवं सीओ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं.

स्लुइस गेट का लिकेज किया गया दुरुस्त

गोगरी नारायणपुर बांध की सुरक्षा को लेकर बाढ़ नियंत्रण -1 कार्यपालक अभियंता जल संसाधन विभाग के नेतृत्व में चौकसी बरती जा रही है. जेई नागेन्द्र कुमार बताया है कि खगड़िया-भागलपुर सीमा स्थित खारा धार स्लुइस गेट पर लिकेज देखा गया था. जिसे दुरूस्त कर दिया गया है. साथ ही उन्होंने बताया है कि सभी तटबंध सुरक्षित है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *