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वैज्ञानिक विधि से मछली पालन का दिया गया प्रशिक्षण।

दरभंगा: जिले के जाले अवस्थित कृषि विज्ञान केंद्र में मंगलवार को किसानों को वैज्ञानिक विधि से मछली पालन का प्रशिक्षण दिया गया। कृषि विज्ञान केंद्र, जाले के मात्स्यकी वैज्ञानिक डॉ. पवन कुमार शर्मा ने नगर परिषद् क्षेत्र के हीरानगर स्थित दामोदर पोखर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया। जिसमें मत्स्य बीज संचय पूर्व एवं पश्चात तालाब का प्रबंधन विषय था। डॉ. शर्मा ने बताया कि मत्स्य बीज संचय से पूर्व पानी कि गुणवत्ता कि जाँच आवश्यक है।

इसमे पीएच मान, टीडीएस, अक्सीजन स्तर पारगमयता आदि कारको का परिक्षण करना प्रमुख है। उपयुक्त उपचार के साथ ही मछली कि प्रजाति का चयन एवं उसके फिंगर्लिंग आकर के बीज का संचय जरुरी है, जिससे मछली मृत्यु दर में कमी आएगी साथ ही उत्पादन में वृद्धि भी होंगी। वैज्ञानिक डॉ. शर्मा ने बताया कि इस परिवेश में रेहू, कतला, मृगांल, कॉमन कार्प, सिल्वर कार्प, ग्रास कार्प प्रजाति की मछलियों को कम्पोजिट फिश कल्चर में आसानी से पाला जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में मछली पालक किसानों कि समस्याओं के निराकरण हेतु सुझाव दिए गए एवं प्रशिक्षणार्थियों से मछली पालन को वैज्ञानिक पद्धति से आगे बढ़ाने पर ध्यान देने हेतु संवाद किया गया। कार्यक्रम में किसान अमन, मिथिलेश, रंजय यादव, श्याम मिश्रा,सोनू श्रीवास्तव, अवधेश मण्डल, कमल यादव समेत 60 मछली पालक किसानों ने भाग लिया।

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