आंगनबाड़ी केन्द्र में पोशाक वितरित
दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड अंतर्गत देकुली पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र देकुली पूर्वी–पश्चिम भाग (केन्द्र कोड–167) में आज जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए गए पोशाकों का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में लगभग *एक हजार बच्चों के लिए तैयार पोशाकों का वितरण किया गया*। इस अवसर पर जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी की उपस्थिति ने केंद्र के बच्चों के साथ साथ जीविका दीदियों का भी उत्साहवर्धन किया।
नए पोशाक पहनकर बच्चों के चेहरे खुशी से दमक उठे। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों में विद्यालय के प्रति रुचि और आत्मविश्वास दोनों बढ़ेगा।
वहीं दूसरी ओर,जीविका दीदियों द्वारा अपने सिलाई केंद्रों में परिश्रम और लगन से तैयार किए गए पोशाकों के सफल और पार्दर्शिता वितरण से उनके चेहरों पर आत्मनिर्भरता का गर्व और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से झलक रहा था।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्र में अध्ययनरत 25 बच्चों के बीच प्रतीकात्मक रूप से पोशाक वितरित किए गए। केन्द्र की सेविका भाग्यवती कुमारी, सहायिका सागर देवी तथा महिला पर्यवेक्षिका क्रांतिपुष्पाबाला की देख रेख में वितरण कार्य सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी ने बताया कि जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार के निर्देश तथा जीविका राज्य इकाई से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुपालन में यह पहल की गई है।
उन्होंने बताया कि जीविका दीदियों के सिलाई प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र में आंगनवाड़ी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप पोशाक तैयार किए गए हैं। कुल 1000 पोशाक तैयार कर विभिन्न केन्द्रों के बच्चों के बीच वितरित किए जा रहे हैं।
डॉ. गार्गी ने कहा कि यह पहल दोहरे उद्देश्य की पूर्ति कर रही है—एक ओर जहां बच्चों को आवश्यक पोशाक उपलब्ध हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जीविका दीदियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय का स्थायी अवसर मिल रहा है। इससे महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिल रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।
इस अवसर पर उन्होंने सभी बच्चे-बच्चियों एवं जीविका परिवारों को आगामी होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में गैर कृषि प्रबंधक अशोक रंजन, बीपीएम सुकेश मिश्रा, संचार प्रबंधक राजा सागर, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ रवि कुमार सहित सिलाई प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र की जीविका दीदियां उपस्थित थीं।
सभी ने इस पहल को सामुदायिक सशक्तिकरण, महिला आत्मनिर्भरता एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
जीविका की यह पहल ग्रामीण महिलाओं की क्षमता, प्रतिबद्धता और आत्मनिर्भरता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती है।
