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लनामिवि के दर्शनशास्त्र विभाग में सेमिनार आयोजित

दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र विभाग में राष्ट्रीय सेमिनार सह – सम्मान समारोह का आयोजन शनिवार को हुआ। स्वामी विवेकानंद की शिक्षा दर्शन: उपयोगिता एवं प्रासंगिकता विषय पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ शिवानंद झा ने की। बतौर मुख्य वक्ता प्रोफेसर श्यामल किशोर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के दर्शन और विचारों पर आज सभी युवाओं को चलने की आवश्यकता है। स्वामी जी के शिकागो सम्मेलन का उल्लेख करते हुए भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा से पूरी दुनिया को कैसे अवगत कराया, इसकी विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ सुनील चंद्र मिश्रा ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद को राष्ट्र निर्माण का अग्नि विचारक बताया व उनके शिक्षा दर्शन के विभिन्न आयामों से छात्र-छात्राओं को अवगत कराया। इस मौके पर प्रो सुनील चंद्र मिश्र की दो पुस्तकों वैज्ञानिक विधि और निगमन
तर्कशास्त्र का विमोचन हुआ। पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ रुद्रकांत अमर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद जी के सार्वभौम धर्म एवं उनके विचारों से छात्राओं को अवगत कराते हुए युवाओं के नाम स्वामी जी के संबोधन की तात्विक व्याख्या की । अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए डॉ. झा ने छात्र – छात्राओं को स्वामी विवेकानंद जी के धार्मिक विचारों एवं उनके दर्शन से अवगत कराया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ संजीव कुमार साह व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजीव कुमार ने किया। मंच का कुशल संचालन ईशान ने किया। इस संगोष्ठी में शोधार्थी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।

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