ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की महिला कबड्डी टीम ने रचा इतिहास, पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया


गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ में आयोजित पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय महिला कबड्डी प्रतियोगिता में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा की महिला टीम ने अपने शानदार एवं अजेय प्रदर्शन के बल पर चैंपियनशिप अपने नाम करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया है। इस ऐतिहासिक सफलता के साथ ही टीम ने अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए लगातार छठी बार क्वालीफाई कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन खेल कौशल एवं अदम्य साहस का परिचय देते हुए लीग चरण के सभी मुकाबले जीते।


टीम ने बेहद रोमांचक एवं कड़े संघर्ष वाले मुकाबलों में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय की टीम को 35-24 के अंतर से, सी.वी. रमन विश्वविद्यालय की टीम को 31-30 के कड़े अंतर से तथा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ की टीम को 43-25 के भारी अंतर से पराजित किया।
लीग मुकाबलों में प्राप्त जीत के आधार पर निर्धारित रैंकिंग में तीनों मैच जीतकर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा प्रथम स्थान पर रहते हुए चैंपियन बना। दो मैच जीतकर और एक मैच हारकर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि एक मैच जीतकर सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ तृतीय स्थान पर रहा। वहीं लीग का एक भी मैच न जीत पाने के कारण पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ को चतुर्थ स्थान से संतोष करना पड़ा।

इस ऐतिहासिक अवसर पर छत्तीसगढ़ के माननीय उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) की एडिशनल सेक्रेटरी डॉ ममता अग्रवाल एवं गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति के कर-कमलों से विजेता ट्रॉफी प्राप्त करती हुईं एलएनएमयू की जांबाज ‘शेरनियाँ’ विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण बन गईं।
इस शानदार विजय के उपरांत विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने टोली प्रबंधक डॉ प्रियंका राय को दूरभाष पर आत्मीय शुभकामनाएं दीं, जिससे पूरी टीम का उत्साह और बढ़ गया। इस अभूतपूर्व सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए टोली प्रबंधक डॉ प्रियंका राय ने कहा कि हमारी टीम इस ऐतिहासिक जीत से बेहद उत्साहित है और इसका श्रेय खिलाड़ियों के निरंतर अभ्यास, अनुशासन एवं टीम भावना को जाता है। उन्होंने कहा कि प्रारंभ से ही हमारी रणनीति आक्रामक खेल के साथ-साथ मजबूत डिफेंस पर केंद्रित रही, जिसके फलस्वरूप टीम लीग चरण के सभी मुकाबलों में अपराजित रही और फाइनल तक बेहद दमदार प्रदर्शन करने में सफल रही। उन्होंने आगे कहा कि यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और लगन का परिणाम है तथा अब पूरी टीम का ध्यान आगामी 11 से 14 जनवरी, 2027 तक अलगप्पा विश्वविद्यालय, तमिलनाडु में आयोजित होने वाली अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिता पर केन्द्रित है, जिसके लिए अभी से ही पुख्ता योजना एवं उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की तैयारी शुरू कर दी जाएगी तथा इसे धरातल पर क्रियान्वित करने की पूरी रूपरेखा तैयार की जाएगी, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर भी विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक के साथ लौट सके।

खेल एवं शारीरिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो अजय नाथ झा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अपने वक्तव्य में कहा कि हमारी बेटियों ने अपनी मेहनत, अनुशासन एवं दृढ़ संकल्प से पूरे विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि लगातार छठी बार अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करना यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय की महिला कबड्डी टीम की निरंतरता एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता वर्षों से एक समान स्तर पर बनी हुई है जो किसी भी खेल इकाई के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि निदेशालय की ओर से खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं एवं संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा, ताकि वे आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें।
खेल प्रभारी अमृत कुमार झा ने अपने वक्तव्य में कहा कि खिलाड़ियों का यह समर्पण और स्वर्णिम प्रदर्शन आने वाले समय में विश्वविद्यालय के खेल इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान जिस तालमेल, अनुशासन एवं खेल भावना का परिचय दिया, वह अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से टीम को आगामी अखिल भारतीय प्रतियोगिता की तैयारी के लिए हरसंभव सहयोग एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि खिलाड़ी बिना किसी बाधा के अपनी पूरी क्षमता के साथ अभ्यास कर सकें।
इस महान उपलब्धि पर खेल तकनीकी सदस्य मनीष राज एवं सांस्कृतिक तकनीकी सदस्य सुमित कुमार झा ने भी हर्ष व्यक्त किया।
इस स्वर्णिम सफलता में डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान, दरभंगा की निक्की, हिन्दी स्नातकोत्तर विभाग, ल.न.मि.वि., दरभंगा की सरिता, मिल्लत टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, मधुबनी की शांभवी झा, जी.डी. कॉलेज, बेगूसराय की रिंसी कुमारी, आर.सी.एस.एस. कॉलेज, बिहट, बेगूसराय की आरती कुमारी, एस.बी.एस.एस. कॉलेज, बेगूसराय की कनिका, अनुष्का, अन्नू, खुशी, भातेरी एवं रिया तथा एम. आर. जे. डी. कॉलेज, बेगूसराय की हिमांशी एवं मोनिका जैसी प्रतिभावान खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट योगदान दिया, जिससे विश्वविद्यालय परिवार में भारी हर्ष का माहौल है। माननीय कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी के कुशल नेतृत्व एवं खेल के क्षेत्र में मिल रहे विशेष प्रोत्साहन के चलते विश्वविद्यालय लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है।

अंत में खेल एवं शारीरिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो अजय नाथ झा ने खेल प्रभारी अमृत कुमार झा, टोली प्रबंधक डॉ प्रियंका राय, खेल तकनीकी सदस्य मनीष राज एवं सांस्कृतिक तकनीकी सदस्य सुमित कुमार झा सहित पूरी विजेता टीम, खिलाड़ियों एवं सहयोगी स्टाफ को इस स्वर्णिम सफलता पर हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस सत्र के इस पहले स्वर्ण पदक ने पूरे विश्वविद्यालय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

Santosh Dutta Jha: