कहा कि बिहार राज्य में आपराधिक मामलों की जांच, अभियोजन एवं विचारण को निष्पक्ष बनाने के लिए गवाहों को निर्भीक होकर गवाही देने के उद्देश्य से “बिहार गवाह सुरक्षा योजना, 2018” क्रियान्वित किया गया है।
इस योजना के संचालन, कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण के लिए ‘बिहार गवाह सुरक्षा कोष नियमावली, 2022’ का भी निर्माण किया गया है।
इस योजना के क्रियान्वयन हेतु सभी हितधारकों की सहभागिता जरूरी है। आपराधिक मामले के किसी भी प्रक्रम में गवाहों या उसके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा, प्रतिष्ठा अथवा संपत्ति के खतरे को दूर करने तथा उन्हें निडर होकर गवाही देने को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना का प्रचार प्रसार एवं क्रियान्वयन आवश्यक है।
यह योजना माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन (क्रिमिनल) संख्या – 156/2016, महेन्द्र चावला एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य के मामले में पारित न्यायादेश के अनुपालन में लागू किया गया है।
बैठक में सभी न्यायिक पदाधिकारी मौजूद थे।