शैक्षणिक संस्थानों में खेल और सांस्कृतिक गतिविधियाँ आवश्यक हैं


प्रो. मुश्ताक अहमद
खेल और संस्कृति का मानव जीवन में विशेष महत्व है और विशेषकर शैक्षणिक संस्थानों में खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्राथमिकता देना आवश्यक है,

ताकि शारीरिक व्यायाम के साथ-साथ छात्रों में अनुशासन और आपसी एकता भी विकसित हो सके। ये विचार दरभंगा के सीएम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर मुश्ताक अहमद ने व्यक्त किए। प्रोफेसर अहमद कॉलेज में तीन दिवसीय खेल कार्यक्रम के दूसरे दिन बैडमिंटन प्रतियोगिता के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

प्रोफेसर अहमद ने कहा कि खेल छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ाते हैं और वे एक-दूसरे से श्रेष्ठ होने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, जिसका उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि खेल अनुशासन और प्रशिक्षण प्रदान करते हैं और एकाग्रता और आपसी एकता का निर्माण करते हैं, इसलिए पाठ्यक्रम शिक्षा और प्रशिक्षण के साथ-साथ खेलों को भी शैक्षणिक संस्थानों में अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी गतिविधियों के रूप में शामिल किया जाना चाहिए।


उन्होंने कॉलेज के खेल प्रभारी डॉ. विभेष. चतुर्वेदी को उनके पदभार ग्रहण करने के बाद से कॉलेज में खेल गतिविधियों में हुई वृद्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता लोक भवन पटना और एल.एन. मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के प्रशासन द्वारा शुरू किए गए कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय में आयोजित की जा रही है, लेकिन हमारा महाविद्यालय लगातार ऐसी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और हमारे छात्र विभिन्न प्रतिस्पर्धी कार्यक्रमों में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इस उद्घाटन समारोह के अवसर पर प्रोफेसर मंयक श्रीवास्तव, प्रोफेसर ललित कुमार शर्मा, डॉ. दिव्या शर्मा, डॉ. मिर्जा रोहुल्लाह बेग, डॉ. शशांक शुक्ला, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. कन्हैया कुमार, बसंत कुमार मंडल आदि उपस्थित थे। गौरतलब है कि

यह तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता
में बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

Santosh Dutta Jha: