विश्वविद्यालय वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन विभाग द्वारा ‘विश्व उद्यमी दिवस’ पर कार्यक्रम आयोजित


आर्थिक एवं सामाजिक विकास में उद्यमियों की प्रभावी भूमिका : प्रो एच. के. सिंह
इतिहास इस बात की गवाही देता है कि उद्यमियों की सृजनात्मकता एवं नवाचार ने दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक-सामाजिक विकास के नए प्रतिमान गढ़े हैं ।


“आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य की प्राप्ति तथा वर्ष-2047 तक “विकसित भारत” के निर्माण हेतु उद्यमिता को बढ़ावा देने की जरूरत है और यह तभी संभव है, जब उद्यमी उपक्रम स्थापित करें, सफल संचालन करें एवं रोजगार प्रदाता बनें। हम संकल्प लें कि ‘विश्व उद्यमी दिवस’ के पावन अवसर पर एक उद्यम स्थापन की सोच रखेंगे, तभी सही अर्थ में इस अवसर को मनाया जाना सार्थक होगा। ये बातें बतौर मुख्य अतिथि वाणिज्य संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो एच के सिंह ने कही।

मालूम हो कि विश्व उद्यमी दिवस के अवसर पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन विभाग में “आत्मनिर्भर भारत को गतिशीलता- उद्यमियों की भूमिका” विषयक बौद्धिक विमर्श का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। बिहारगीत एवं विश्वविद्यालय कुलगीत के गायन के पश्चात आगत अतिथियों एवं सभागार में उपस्थित उद्यमिता विषय-प्रेमी समूह का विभागीय शिक्षिका डॉ निर्मला कुशवाह द्वारा स्वागत संभाषण हुआ। वाणिज्य के सह प्राध्यापक एवं प्रबंध कार्यक्रम के उप-निदेशक डॉ दिवाकर झा ने इस बौद्धिक विमर्श की विषय-वस्तु को प्रस्तुत किया। इस क्रम में उन्होंने अमेरिका के विश्व-अगुआ बनने में उद्यमियों की भूमिका का भी वर्णन किया।

मुख्य वक्ता दरभंगा पब्लिक स्कूल के निदेशक शैक्षिक उद्यमी डॉ विशाल गौरव ने बिहार-खासकर मिथिलांचल के संदर्भ में उद्यमियों के राह की बाधाओं एवं उनके निवारण के उपायों की विस्तृत विवेचना की। उन्होंने उद्यमियों को सामाजिक स्वीकार्यता की वकालत की एवं उद्यमिता के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता जताई। अध्यक्षीय संबोधन में वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन विभाग के अध्यक्ष एवं निदेशक डॉ राजकुमार साह ने एक सफल उद्यमी के गुणों का उल्लेख करते हुए खासकर युवाओं से अपील की कि वे आगे आएं, तत्पर होकर कर्मनिष्ठा के साथ दूरदर्शी सोच लेकर उद्यमिता की राह चलें और समुदाय -राष्ट्र-विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित करें।

विश्व उद्यमी दिवस के अवसर पर विभाग द्वारा आयोजित निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न एवं प्रमाण पत्र वितरित किए जाने के पश्चात डॉ एस. के. ठाकुर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। कार्यक्रम का अंत राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के गायन से हुआ। कार्यक्रम का संचालन विभाग के शोध अध्येता रजनीश कुमार चौधरी द्वारा किया गया।

Santosh Dutta Jha: