प्रशिक्षण से युवा छात्र-छात्राएं मित्र भाव से आपदा प्रबंधन में भाग लेकर समाज में बेहतरीन कार्य करने में होंगे सक्षम- प्रो जितेन्द्र नारायणआपदा के समय प्रथम रिस्पांडर के रूप में समाज हित में व्यावहारिक ज्ञान का सदुपयोग कर सकेंगे प्रशिक्षित युवा – डॉ प्रियंका राय
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के एनएसएस कोषांग के द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना के सौजन्य से मधुबनी जिला के 200 छात्र-छात्राओं का सात दिवसीय आवासीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के छठे दिन शिविर का उद्घाटन करते हुए पीजी एथलीट्स के अध्यक्ष डॉ प्रियंका राय ने कहा कि आपदा के समय प्रथम रिस्पांडर के रूप में स्वयंसेवक समाज हित में व्यावहारिक ज्ञान का सदुपयोग करने में सक्षम होंगे प्रशिक्षित युवा। उन्होंने आह्वान किया कि प्रशिक्षित छात्र-छात्राएं पूरे समाज को आपदाओं से बचने के उपायों को सिखा कर जागरूक बनाएं।
बौद्धिक सत्र में मुख्य संसाधन पुरुष के रूप में प्रो जीतेन्द्र नारायण ने ‘युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका’ विषय पर बोलते हुए कहा कि प्रशिक्षण से युवा छात्र-छात्राएं मित्र भाव से आपदा प्रबंधन में भाग लेकर समाज में बेहतरीन कार्य करने में सक्षम होंगे। मानवीय गुणों से युक्त, राष्ट्रभक्ति युवा का राष्ट्र निर्माण में सर्वाधिक भूमिका होती है। कहा कि भारतीय संस्कृति अति प्राचीन, शाश्वत एवं सदा प्रासंगिक है। भारतीय दर्शन संपूर्णता में है, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की सीख देता है।
उन्होंने छात्रों से ‘थिंक ग्लोबली एंड एक्ट लोकली’ का सिद्धांत देते हुए कहा कि स्थानीय संसाधनों के उपयोग से समस्याओं का समाधान करें। इस अवसर पर डॉ आर एन चौरसिया, डॉ शबनम कुमारी, डॉ अनुपम प्रिया, डॉ सोनू राम शंकर, डॉ रीता कुमारी, डॉ सुनीता कुमारी, डॉ रश्मि दत्ता, हवलदार कृष्णनंदन सिंह, रूपेश कुमार पासवान, देव कुमार, खोखो कुमार, राजू कुमार, मालिक कुमार, संतोषी कुमारी, तनुजा कुमारी, अयोध्या प्रसाद सिंह, मुकेश कुमार झा, मणिकांत ठाकुर, अमित कुमार झा, रवीन्द्र कुमार सिंह आदि ने सक्रिय सहयोग किया।
आज छठे दिन के प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों ने अलग-अलग ग्रूपों में बांट कर सीपीआर देने की स्थिति, तरीके एवं महत्व को विस्तार से बताते हुए बीपी जांच के तरीके एवं महत्व से अवगत कराया। हृदय गति, ऑक्सीजन स्तर तथा पल्स रेट आदि की जांच तथा भूकंप, आगलगी, वज्रपात, सड़क दुर्घटना आदि के कारणों एवं बचाव संबंधी मॉक ड्रिल का अभ्यास विश्वविद्यालय के फील्ड में कराया। तत्पश्चात एम्बुलेंस, अग्निशमन यंत्र फर्स्ट एड बॉक्स आदि का भी मॉक दिल के माध्यम से व्यावहारिक परिचय कराया।