ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के एनएसएस कोषांग द्वारा ‘आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम’ 5 वें दिन जारी

 

आपदा के प्रभाव से बचने के लिए सही जानकारी एवं सावधानी दोनों अनिवार्य- कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ रीता कुमारीअनुशासित, चरित्रवान एवं नशा मुक्ति युवा से खुशहाल समाज एवं समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव- प्रिंसिपल डॉ राजाराम

बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना के सौजन्य से ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के एनएसएस कोषांग के तत्त्वावधान में “युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण” कार्यक्रम 5 वें दिन भी जुबिली हॉल में जारी रहा, जिसमें डॉ युगेश्वर साह, डॉ अनुपम प्रिया, डॉ रीता कुमारी, डॉ प्रियंका राय, डॉ सुनीता कुमारी, डॉ दिलीप कुमार झा, डॉ शबनम कुमारी, डॉ अमर कुमार, डॉ राजा राम चौरसिया, डॉ रिंकी कुमारी, डॉ लक्ष्मी प्रसाद यादव, मनीष राज, अंकिता कुमारी, साक्षी कुमारी, मुकेश कुमार झा, मणिकांत ठाकुर, अमित कुमार झा एवं रवीन्द्र कुमार सिंह आदि के अलावा 200 एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया। सत्र का प्रारंभ में राष्ट्रगीत एवं एनएसएस के लक्ष्य-गीत से हुआ।

आज के शिविर का शुभारंभ करते हुए एम के कॉलेज, लहेरियासराय के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ रीता कुमारी ने कहा कि कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास एवं अनुशासन हमें जीवन में आगे बढ़ाने में मददगार होते हैं। यह प्रशिक्षण युवा छात्र-छात्राओं में सही सोच एवं सकारात्मक भाव से ओतप्रोत करेगा। कहा कि प्रशिक्षण से हम सब आपदाओं के कारण, समस्या एवं निदान की जानकारी प्राप्त हो रही है। इनसे बचने के लिए सही जानकारी एवं सावधानी दोनों अनिवार्य है।

तकनीकी सत्र में एसडीआरएफ प्रशिक्षक राजू कुमार ने नौकायन के प्रकार, नौका दुर्घटना के कारण, परिणाम एवं सुरक्षित नौकायन के तौर-तरीकों की विस्तार से जानकारी दी। कांस्टेबल संतोषी कुमारी ने घायल व्यक्ति या पेशेंट को उठाने, खींचने, सुरक्षित बाहर निकलने, अस्पताल ले जाने आदि के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। एसडीआरएफ तनुजा कुमारी ने सांप काटने के करणों, सांपों के प्रकार, सर्प दंश के परिणाम एवं उनसे संबंधित आंकड़ों आदि की जानकारी दी। कहा कि भारत में केवल 15% सांप ही जहरीले होते हैं, जिनसे प्रति वर्ष 51 हजार लोगों की मृत्यु होती है। उन्होंने सांप काटने पर झाड़- फूंक में समय न गंमा कर शीघ्र चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की बात की, क्योंकि विषैला सांप के काटने पर तीन से चार घंटे के बाद ही मृत्यु होती है।

बौद्धिक सत्र में प्रिंसिपल डॉ राजा राम चौरसिया ने “विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषय पर बोलते हुए कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत युवा आबादी है। यदि वे शिक्षा, कौशल, नवाचार एवं सामाजिक जिम्मेदारी को अपनाएं तो विकसित भारत-2047 का सपना निश्चित रूप से साकार होगा। कहा कि वैसे तो राष्ट्र निर्माण में सब की भूमिका होती है, परंतु युवा शक्ति एक मजबूत रीढ़ होती है। अनुशासित, चरित्रवान एवं नशामुक्ति युवा से ही खुशहाल समाज एवं समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव है। एसडीआरएफ देव कुमार ने भीड़-प्रबंधन तथा मालिक कुमार ने जल स्वच्छता के तौर-तरीकों को एवं महत्त्वों को रेखांकित किया। अंतिम सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसमें प्रतिभागियों ने गीत, नृत्य, कविता, भजन आदि प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान से सत्र का समापन हुआ। प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं का स्वागत शिविर संयोजक डॉ आर एन चौरसिया ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ शबनम कुमारी ने किया।

Santosh Dutta Jha: