विकसित भारत जी-रामजी अधिनियम, 2005 के संबंध में जिला स्तरीय पंच सम्मेलन का आयोजन

प्रेक्षागृह दरभंगा में विकसित भारत जी-रामजी अधिनियम, 2005 के संबंध में जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के बीच व्यापक जागरूकता उत्पन्न करने तथा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से आज त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों हेतु जिला स्तरीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त, दरभंगा द्वारा की गई।

कार्यक्रम में माननीय जिला परिषद अध्यक्षा महोदया, माननीय मुखिया संघ के अध्यक्ष, माननीय जिला परिषद सदस्यगण, सम्मानित मुखिया गण एवं सम्मानित पंचायत समिति सदस्यगण सहित संबंधित विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।इस अवसर पर निदेशक, NEP, दरभंगा एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, VB-GRAM-G भी उपस्थित रहे

सम्मेलन के दौरान विकसित भारत जी-रामजी अधिनियम, 2005 के विभिन्न प्रावधानों एवं क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को योजना का परिचय एवं उद्देश्य, ग्रामीण परिवारों के लिए 125 दिनों के रोजगार की गारंटी, रोजगार गारंटी की समय-सीमा एवं निर्धारित शर्तों, तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित प्रावधानों के बारे में अवगत कराया गया।कार्यक्रम में विकसित ग्राम पंचायत योजना के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर विकास की प्राथमिकताओं का निर्धारण, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का चयन तथा ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास पर विशेष बल दिया गया।सम्मेलन में अभिसरण एवं एकीकृत योजना का ढांचा विषय पर भी जानकारी दी गई। विभिन्न योजनाओं एवं विभागीय कार्यक्रमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा ग्राम स्तर पर समेकित विकास सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

इसके अतिरिक्त योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया, विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियों एवं दायित्वों तथा पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। पंचायती राज संस्थाओं को योजना के क्रियान्वयन में प्रमुख प्राधिकार के रूप में उनकी भूमिका एवं जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया।विशेष रूप से ग्राम पंचायतों के उत्तरदायित्व एवं ग्राम सभा की भूमिका पर चर्चा करते हुए योजना निर्माण, कार्यों की प्राथमिकता तय करने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने, जनभागीदारी बढ़ाने एवं योजनाओं की निगरानी में ग्राम सभा की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया।सम्मेलन के दौरान योजना के अंतर्गत अनुमन्य कार्यों की विभिन्न श्रेणियों के संबंध में भी जानकारी दी गई तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण एवं आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने वाले कार्यों को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।इसके साथ ही योजना से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत निवारण व्यवस्था के संबंध में भी उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को जानकारी दी गई।

शिकायतों के समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से निवारण तथा लाभार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया गया।उप विकास आयुक्त, दरभंगा द्वारा सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों से विकसित भारत जी-रामजी अधिनियम के प्रावधानों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने तथा इसके प्रभावी, पारदर्शी एवं जनभागीदारी आधारित क्रियान्वयन हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों द्वारा योजना से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की गई तथा इसके सफल क्रियान्वयन में आवश्यक सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

Santosh Dutta Jha: