1. प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन 29 जुलाई को CHO (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) और ANM ने प्रशिक्षण लिया।
2. प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन 30 जुलाई को चिकित्सा अधिकारी (MO), ब्लॉक स्वास्थ्य प्रबंधक (BHM), फार्मासिस्ट, ब्लॉक सामुदायिक परिचालक (BCM) ने भाग लिया।
3. प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन 1 अगस्त को आशा एवं आशा फैसिलिटेटर ने प्रशिक्षण लिया। इस दिन द्वारा आशा एवं आशा फैसिलिटेटर के लिए बाढ़ के दौरान गैर संचारी रोगियों की देखभाल पर फ्यूजन परियोजना द्वारा लिखी गई ‘आशा फील्ड गाइड” पुस्तिका का विमोचन किया गया।
FUSION परियोजना:
FUSION एक शोध परियोजना है जो NIHR, यूनाइटेड किंगडम द्वारा वित्त-पोषित है। बिहार मे ं इसका नेतृत्व प्रो. (डॉ.) रत्ना अमृत, परियोजना प्रभाव प्रमुख कर रही है। फ्यूजन परियोजना का उद्देश्य उत्तर बिहार (पूर्वी चम्पारण, मुजफ्फरपुर एवं दरभंगा) में मानसून बाढ़ के दौरान NCD रोगियों की प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करना है।
प्रशिक्षण का संचालन:
प्रशिक्षण का संयोजन डॉ. रविकांत सिंह, अधिकारी प्रभारी, HBCHRC, मुजफ्फरपुर ने राज्य स्वास्थ्य समिति (SHS), बिहार के सहयोग से किया।
प्रशिक्षण में निम्नलिखित विशेषज्ञों ने योगदान दिया:
डॉ. तुलिका सिंह – WHO परामर्शदात्री एवं राज्य NCD प्रकोष्ठ, SHS बिहार
डॉ रजनीश कुमार – स्टेट प्रोग्राम मैनेजर आयुष SHS बिहार
डॉ प्रिया कुमार क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट IGIMS पटना
डॉ. प्रीति बाजपेई – राज्य मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदात्री, SHS बिहार
डॉ. श्रीजिनी – SCTIMST, तिरुवनंतपुरम
डॉ. निशांत कुमार – HBCHRC, मुजफ्फरपुर
डॉ. अभिनव कुमार – महावीर कैंसर संस्थान, पटना
श्री मुकुल कुमार और श्री रवि प्रकाश (स्टेट आशा ट्रेनर्स) एवं श्री नीरज कुमार पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट एवं कंसल्टेंट)