प्रत्येक पैकेट में 3 किलोग्राम चावल, 3 पैकेट (1-1 किलोग्राम) आटा, 1 लीटर सरसों तेल, 1.5 किलोग्राम दाल, 500 ग्राम सत्तू, 500 ग्राम हॉर्लिक्स, 1 किलोग्राम सोयाबीन, 500 ग्राम गुड़, 5 पैकेट बिस्किट तथा एक पानी की बोतल शामिल थी।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है। समय पर जांच, नियमित दवा और संतुलित एवं पौष्टिक आहार से मरीज शीघ्र स्वस्थ हो सकते हैं। समाज के प्रत्येक वर्ग का दायित्व है कि टीबी के प्रति जागरूकता फैलाएं, मरीजों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न करें तथा उनके उपचार एवं पोषण में सहयोग करें, जिससे भारत को टीबी मुक्त बनाने का राष्ट्रीय लक्ष्य शीघ्र पूरा हो सके।
डिवीजन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रधान सचिव श्री सुशील जैन ने कहा कि चैंबर केवल व्यापारिक हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों की सेवा को भी अपना दायित्व मानता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी चैंबर ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
श्री किशुन सह ने कहा कि समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही टीबी जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से आगे बढ़कर ऐसे अभियानों में सहयोग करने की अपील की।
श्री मुकेश खेतान ने कहा कि पौष्टिक भोजन टीबी उपचार का एक महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह सहयोग मरीजों के स्वास्थ्य लाभ में सहायक सिद्ध होगा तथा उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
श्री अभिषेक चौधरी ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी सामाजिक संवेदनशीलता से होती है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों की सहायता करना मानवता की सच्ची सेवा है और ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहने चाहिए।
सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार ने डिवीजन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान में सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज मिलकर ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार कर सकते हैं।
डॉ. रवि रंजन ने कहा कि टीबी का उपचार बीच में छोड़ना सबसे बड़ी भूल है। मरीजों को चिकित्सकों के निर्देशानुसार पूरा उपचार लेना चाहिए तथा पौष्टिक भोजन और स्वच्छ जीवनशैली अपनानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान मरीजों एवं उनके परिजनों ने डिवीजन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज तथा स्वास्थ्य विभाग के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक पहल बताया